पिछले 8 साल में नौकरी के लिए 22 करोड़ आवेदन, लेकिन केवल 7.22 लाख को रोजगार- संसद में सरकार का जवाब
नई दिल्ली, 28 जुलाई। सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे लोगों के लिए पिछले 8 साल काफी मुश्किलभरे रहे हैं। सरकारी नौकरी के लिए जितने लोगों ने आवेदन किया था उसमे से 1 फीसदी से भी कम को ही नौकरी मिल पाई है। वर्ष 2014-15 से वर्ष 2021-22 के बीच कुल 22.05 करोड़ लोगों ने सरकारी नौकरी के लिए आवेदन किया। इन लोगों ने अलग-अलग केद्र सरकार के विभागों में नौकरी के लिए आवेदन किया। इन आंकड़ों को बुधवार को लोकसभा में सरकार की ओर से साझा किया गया है।

8 सालों में रोजगार गिरा
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इन आंकड़ों को लोकसभा में साझा किया। उन्होंने बताया कि 2019-20 में 1.47 लाख लोगों को रोजगार मिला। साल 2019 की बात करें तो इसी साल देश में लोकसभा चुनाव हुए थे, कोरोना महामारी की शुरुआत हुई थी। आंकड़ों में यह बात सामने आई है कि पिछले 8 सालों में कुल 220599238 लोगों ने नौकरी के लिए आवेदन किया, जिसमे से 722311 लोगों का चयन हुआ। जोकि कुल आवेदन की तुलना में सिर्फ 0.33 फीसदी ही है।

इस साल 10 लाख भर्ती का ऐलान
बता दें कि सरकार की ओर से ऐलान किया गया है कि इस साल 10 लाख लोगों को भर्ती किया जाएगा। इसे भर्ती को मिशन मोड पर किया जाएगा। प्रधानमंत्री कार्यालय ने खुद अलग-अलग विभागों और मंत्रालयों में रिक्त पदों की विवेचना के बाद यह निर्देश दिया है। जो आंकड़े संसद में साझा किए गए हैं उसके अनुसार कुल 22.05 करोड़ आवेदन में से सर्वाधिक आवेदन 5.09 करोड़ 2018-19 में आए थे, जबकि 2020-21 में सबसे कम 1.80 करोड़ लोगों ने आवेदन किया था।

एक फीसदी से भी कम को मिला रोजगार
आंकड़ों का विश्लेषण करने पर यह बात सामने आई है कि औसतन हर साल 2.75 करोड़ लोग आवेदन करते हैं, जबकि हर साल औसतन सिर्फ 90288 लोगों को रोजगार मिलता है। पिछले 8 सालों में प्रात्त कुल आवेदन में से सिर्फ .07 फीसदी से 0.80 फीसदी लोगों का चयन होता है। बता दें कि केंद्र द्वारा रोजगार के लिए कई अभियान जिसमे मेक इन इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्मार्ट सिटी मिशन, अटल मिशन, पीएमईजीपी, मनरेगा, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, दीन दयाल अंत्योदय योजना की शुरुआत की गई है।












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