फ्लिपकार्ट-अमेजन पर अब फ्लैश सेल में नहीं मिल पाएंगे सस्ते फोन! नया कानून लाने की तैयारी में सरकार
नई दिल्ली, 22 जून। ऑनलाइन ई-स्टोर जिस तरह से मोबाइल फोन पर अलग-अलग तरह के ऑफर चलते हैं, उसकी वजह से लोग मोबाइल फोन के स्टोर की तुलना में काफी सस्ता मोबाइल खरीद लेते हैं। ऑनलाइन स्मार्टफोन की बिक्री की वजह से मोबाइल स्टोर और आम दुकानदारों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है और उनकी बिक्री पर भी काफी असर पड़ता है। लेकिन इस समस्या से इन लोगों को निजात दिलाने के लिए भारत सरकार सख्त ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के लिए नियम लाने की तैयारी कर रही है। सरकार के इस नए नियम से फ्लिपकार्ट, अमेजन पर फ्लैश सेल की योजना चलाना आसान नहीं होगा। कंज्यूमर अफेयर विभाग ने ग्राहक सुरक्षा सुधार के लिए 6 जुलाई तक लोगों से सुझाव मांगे हैं।

अब फ्लैश सेल चलाना आसान नहीं
गौर करने वाली बात है कि अमेजन और फ्लिपकार्ट पूरे साल अलग-अलग उत्पाद पर छूट की योजना चलाते हैं, जिससे छोटे दुकानदारों और व्यवसायियों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में नए कानून के आने से इन व्यवसायियों को सुरक्षा मिलेगी। सरकार की ओर से कहा गया है कि ग्राहकों, व्यापारियों और संगठनों की ओर से कई शिकायतें आई हैं, जिसमे फर्जीवाड़ा और गलत तरीके से ई-कॉमर्स साइट पर कामकाज होता है। जिसकी वजह से कंज्यूम अफेयर्स मिनिस्ट्री ने ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर लगाम लगाने के लिए नया कानून बनाने का फैसला लिया, जिससे फ्लैश सेल पर रोक लगाई जा सके।

गलत तरह से बढ़ाए और घटाए जाते हैं दाम
मंत्रालय की ओर से एक बयान जारी करके कहा गया है कि कुछ ई-कॉमर्स कंपनियां ग्राहकों के विकल्प को कम करने की कोशिश कर रही हैं, ये लगातार फ्लैश सेल के जरिए उत्पाद बेचते हैं, ये लोग उत्पाद की मांग, ऑर्डर आदि की जरूरी शर्तों को भी पूरा नहीं करते हैं, लेकिन इसकी जगह ये लोग लगातार फ्लैश सेल लगाते हैं, यहां विक्रेता बिना किसी नियंत्रण के उत्पाद की बिक्री करते हैं। इससे उत्पाद के दाम बढ़ने और ग्राहकों की पसंद में कमी होती है। मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि ये प्लेटफॉर्म सर्च रिजल्ट के नतीजों को गलत तरह से पेश करते हैं और कुछ ग्राहको को अधिक फायदा पहुंचाते हैं। सरकार चाहती है कि ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म में भी पारदर्शिता आए और इसमे चल रही गलत चीजों को दूर किया जाए।

स्थानीय अधिकारी की नियुक्ति का हो सकता है आदेश
दरअसल हाल ही में सरकार की ओर से फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप को निर्देश दिया है कि वह शिकायतों का निपटारा करने के लिए नोडल अधिकारी या शिकायत अधिकारी को नियुक्त करें। इसी तरह से ई कॉमर्स वेबसाइट को भी शिकायत अधिकारी और नोडल अधिकारी को नियुक्त किए जाने का आदेश देने का प्रस्ताव है। अहम बात यह होगी कि ये शिकायत अधिकारी भारत में रहते हो यह आवश्यक है। मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि ग्राहक सुरक्षा एक्ट 2019 के नियमों के तहत भारत में रहने वाले शिकायत अधिकारी की तैनाती आवश्यक है ताकि लोगों की शिकायतों का निपटारा किया जाए, यह प्रस्ताव जल्द ही लाया जाएगा।












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