मोदी सरकार का बड़ा फैसला, अब कैश में नहीं मिलेगी कर्मचारियों को सैलरी
मोदी कैबिनेट ने कैशलेस इंडिया बनाने के लक्ष्य पर बढ़ते हुए बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के तहत किसी भी कंपनी के कर्मचारी को नगद तनख्वाह नहीं मिलेगी।
नई दिल्ली। कैशलेस व्यवस्था की ओर बढ़ते हुए मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के मुताबिक अब किसी को भी कैश में सैलरी नहीं मिलेगी। लोगों की सैलरी अब चेक और बैंक खाते में ही आएगी।

कैशलेस इंडिया की ओर मोदी सरकार का एक और कदम
नोटबंदी के बीच मोदी कैबिनेट ने कैशलेस इंडिया बनाने के लक्ष्य पर बढ़ते हुए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने वेतन भुगतान कानून में संशोधन के लिए अध्यादेश को मंजूरी दी है।
इसके साथ ही अब जिस कंपनी में 10 कर्मचारी से ज्यादा हैं उन कंपनियों के कर्मचारियों को नगद तनख्वाह नहीं मिलेगी।
मोदी कैबिनेट के फैसले के बाद उनकी सैलरी अब या तो चेक से या फिर बैंक अकाउंट में आएगी। बता दें कि देश में कई ऐसी कंपनियां है जहां कर्मचारियों को कैश में सैलरी मिलती थी लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा।
शत्रु संपत्ति अधिनियम पर भी मोदी कैबिनेट लगाई मुहर
मोदी कैबिनेट ने एक और फैसले पर मुहर लगाते हुए शत्रु संपत्ति अधिनियम को मंजूरी दे दी है। मोदी कैबिनेट ने बुधवार को हुई बैठक में इस फैसले पर मुहर लगाई। इस बैठक में कर्मचारी वेतन भुगतान अधिनियम में संशोधन को लेकर अध्यादेश लाया गया।
बता दें कि मोदी सरकार ने 8 नवंबर को 500 और 1000 रुपये के नोट पर प्रतिबंध का ऐलान किया था। नोटबंदी के बाद से लगातार मोदी सरकार कैश की जगह कार्ड और ई-पेमेंट को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है।
वेतन को लेकर मोदी सरकार का ये फैसला उसी का हिस्सा माना जा रहा है। इस फैसले के बाद अब कर्मचारियों की सैलरी चेक या फिर बैंक अकाउंट में आएगी।












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