किसानों के लिए इस बार मानसून लेकर आएगा खुशियों की सौगात

नई दिल्ली। इस बार भारत में मानसून की बारिश को लेकर प्राइवेट मौसम विभाग की एजेंसी ने किसानों के लिए अच्छी खबर दी है। मौसम की जानकारी देने वाली निजी कंपनी स्काइमेट वेदर का कहना है कि देश के लिए यह खुशखबरी है कि इस बार मानसून बेहतर रहेगा। ट्वीट के जरिए स्काइमेट का कहना है कि इस बार मानसून के 100 फीसदी बेहतर रहने की संभावना है, यह लॉग पीरियड (एलपीए) 887 मिलीमीटर रहेगा। जून से सितंबर माह के बीच यह 887 मिलीमीटर रहेगा, जोकि देश के किसानों के लिए अच्छी खबर है।

इन फसलों पर पड़ेगा असर

इन फसलों पर पड़ेगा असर

आपको बता दें कि भारत में चार महीनों में औसत बेहतर मानसून 96 से 104 फीसदी के बीच माना जाता है, जबकि एलपीए 89 सेंटीमीटर रहता है। वहीं सरकार की ओर से मौसम विभाग मानसून की जानकारी 15 अप्रैल के आस-पास देगा। जिस तरह से निजी मौसम विभाग के ओर से साधारण मानसून की बात कही गई है उसके बाद इसका असर चावल, गन्ना, रूई, सोयाबीन, मक्के पर पड़ सकता है।

किसानों के लिए बेहतर संकेत

किसानों के लिए बेहतर संकेत

स्काइमेट वेदर ने मानसून के पैटर्न को लेकर भी अपनी भविष्यवाणी की है, जिसमे कहा गया है कि 55 फीसदी संभावना है कि मानसून इस बार बेहतर रहेगा, जोकि 96 से 104 फीसदी एलपीए रह सकता है। वहीं स्काइमेट का कहना है कि 20 फीसदी इस बात की भी संभावना है कि मानसून साधारण से अच्छा और साधारण से भी नीचे रह सकता है और बारिश कम हो सकती है। जबकि 5 फीसदी इस बात की संभावना है कि काफी ज्यादा बारिश हो सकती है।

इन राज्यों में कम होगी बारिश

इन राज्यों में कम होगी बारिश

साथ ही स्काइमेट की ओर से कहा गया है कि तटीय राज्य कर्नाटक, केरल में कम बारिश हो सकती है। वहीं आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भी कम बारिश हो सकती है, लेकिन तेलंगाना में बेहतर बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में स्काइमेट की भविष्यवाणी के बाद माना जा रहा है कि खाद कंपनियों के शेयर में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। खराब मानसून की खबर से खाद और उर्वरक के दाम भी बढ़ सकते हैं।

मौसम विभाग ने की थी भविष्यवाणी

मौसम विभाग ने की थी भविष्यवाणी

आपको बता दें कि मार्च माह में मौसम विभाग के अधिकारी की ओर से कहा गया था कि ईआई निनो का प्रभाव मानसून की बारिश पर नहीं पड़ेगा और चार महीने मानसून बेहतर रहेगा। ईआई निनो समुद्र की सतह की गर्मी को दर्शाता है, जिसके आधार पर मानसून की बारिश का अंदाजा लगाया जाता है। वहीं स्काइमेट की रिपोर्ट पर भूविज्ञान के वैज्ञानिक माधवन नायर राजीवन का कहना है कि अभी से मानसून की भविष्यवाणी करना सही नहीं है, लेकिन इस बात के संकेत हैं कि ला निना इसपर असर डाल सकता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+