Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

गोवा विधानसभा में इस जाति को मिला आरक्षण, सीट किया गया रिजर्व, एक साल बाद मिली संसद की मंजूरी

Goa ST Reservation Bill 2025: लोकसभा के मानसून सत्र के बीच जारी हंगामे और विपक्ष के तीखे विरोध के बावजूद मंगलवार को एक अहम विधेयक पारित हुआ। यह विधेयक गोवा में अनुसूचित जनजातियों (ST) को विधानसभा में प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है, लेकिन इसी शोरगुल के बीच केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 'गोवा विधानसभा में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व का पुनः समायोजन विधेयक, 2025' लोकसभा में पेश किया, जिसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।

Goa ST Reservation Bill 2025

इस वजह से मिला आरक्षण

विधेयक के अनुसार, 2011 की जनगणना में गोवा की कुल जनसंख्या 14,58,545 थी, जिसमें अनुसूचित जातियों (SC) की जनसंख्या 25,449 और अनुसूचित जनजातियों (ST) की संख्या 1,49,275 थी। आंकड़ों के अनुसार, गोवा में अनुसूचित जनजातियों की आबादी अनुसूचित जातियों की तुलना में कहीं अधिक है, लेकिन अब तक विधानसभा में उनके लिए कोई सीट आरक्षित नहीं थी।

ये भी पढ़ें Sansad Mein Aaj Kya Hua: बिहार SIR के मुद्दे पर लोकसभा-राज्यसभा में जमकर बवाल, हंगामे की भेंट चढ़े दोनों सदन

यह विचित्र स्थिति को दूर करने के उद्देश्य से यह विधेयक लाया गया, ताकि ST समुदाय को संविधान में दिए गए आरक्षण के अधिकार का लाभ मिल सके। यह विधेयक 2024 में पेश किया गया था और एक साल से लंबित था। इसके पारित होते ही लोकसभा में कार्यवाही अध्यक्ष संध्या राय ने स्थगित कर दी, क्योंकि विपक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी रहा।

एक साल से लंबित था विधेयक, अब मिला संसद की मंजूरी

यह विधेयक ठीक एक वर्ष पूर्व, 6 अगस्त 2024 को लोकसभा में प्रस्तुत किया गया था, लेकिन विभिन्न कारणों और सत्र के दौरान हुए राजनीतिक गतिरोधों की वजह से यह पारित नहीं हो सका था। तब से यह विधेयक संसद की प्रतीक्षा सूची में पड़ा हुआ था। गोवा में अनुसूचित जनजातियों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने से जुड़ा यह महत्वपूर्ण विधेयक आखिरकार 6 अगस्त 2025 को पारित हुआ, यानी ठीक एक वर्ष बाद। यह इस वर्ष के मॉनसून सत्र का पहला विधेयक है जिसे लोकसभा ने पारित किया है। इस सत्र के शुरू होने के बाद से ही विपक्ष बिहार में मतदाता सूची में गड़बड़ियों और संशोधन को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराता रहा, जिसके चलते संसद की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। ऐसे वातावरण में यह विधेयक पारित होना सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

ये भी पढ़ें Rahul Gandhi के मोदी सरकार को घेरने की प्लानिंग में थरूर-तिवारी लगा रहे सेंध, बागियों के सामने कांग्रेस बेबस!

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+