COP26 में 'वन सन, वन वर्ल्ड एंड वन ग्रिड' पहल का पीएम मोदी ने किया समर्थन, गिनाई खूबियां

ग्लासगो, 02 नवंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ग्लासगो में सीओपी 26 में 'वन सन, वन वर्ल्ड एंड वन ग्रिड' पहल का समर्थन करते हुए कहा कि इससे न केवल भंडारण की जरूरत कम होगी बल्कि सौर परियोजनाओं की व्यवहार्यता भी बढ़ेगी। पीएम मोदी ने COP26लीडर्स इवेंट 'एक्सेलरेटिंग क्लीन टेक्नोलॉजी इनोवेशन एंड डेवलपमेंट' को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रीन ग्रिड की मेरी कई सालों पुरानी परिकल्पना को आज अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और यूके के ग्रीन ग्रिड इनिशिएटिव से एक ठोस रूप मिला है।

PM Modi at COP26

COP26 में 'एक्सेलरेटिंग क्लीन टेक्नोलॉजी इनोवेशन एंड डिप्लॉयमेंट' कार्यक्रम में अपनी टिप्पणी देते हुए प्रधानमंत्री ने वन सन वन वर्ल्ड वन ग्रिड (OSOWOG) पहल के विचार को दोहराया, जिसे पीएम मोदी ने अक्टूबर 2018 में अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) के दौरान अपनी पहली विधानसभा में रखा था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि इस रचनात्मक पहल से कार्बन फुटप्रिंट और ऊर्जा की लागत तो हम होगी ही अलग-अलग क्षेत्रों और देशों के बीच सहयोग का एक नया मार्ग भी खुलेगा। मुझे पूरा विश्वास है कि वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड और ग्रीन ग्रिड इनिशिएटिव के सामंजस्य से एक संयुक्त और सुदृढ़ वैश्विक ग्रिड का विकास हो पाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने यूके समकक्ष बोरिस जॉनसन के साथ संयुक्त रूप से ग्रीन ग्रिड इनिशिएटिव- वन सन वन वर्ल्ड वन ग्रिड (GGI-OSOWOG) का शुभारंभ किया। सौर ऊर्जा के लाभों को नोट करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि OSOWOG पहल के साथ एकमात्र चुनौती सिर्फ इतनी है कि सौर ऊर्जा सिर्फ दिन में ही उपलब्ध है और मौसम पर ही निर्भर है। वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड इसी चुनौती का हल है। एक वर्ल्ड वाइड ग्रिड से क्लीन एनर्जी हर जगह, हर समय मिल पाएगी, इससे स्टोरेज की आवश्यकता भी कम होगी और सोलर प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता भी बढ़ेगी।

पीएम मोदी ने कहा कि मानवता के भविष्य को बचाने के लिए हमें फिर से सूरज के साथ चलना होगा। जितनी ऊर्जा पूरी मानव जाति सालभर में उपयोग करती है, उतनी ऊर्जा सूर्य एक घंटे में धरती को देता है। ये अपार ऊर्जा पूरी तरह स्वच्छ और सतत है। वहींपीएम मोदी ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि 'वन सन, वन वर्ल्ड एंड वन ग्रिड' और 'ग्रीन ग्रिड' पहल के बीच सहयोग के माध्यम से एक सामान्य और मजबूत वैश्विक ग्रिड विकसित किया जा सकता है। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो दुनिया को सौर कैलकुलेटर एप्लिकेशन प्रदान करने जा रही है।

आपको बता दें कि मई 2021 में यूनाइटेड किंगडम और भारत ने ग्रीन ग्रिड इनिशिएटिव और वन सन वन वर्ल्ड वन ग्रिड पहल की ताकतों को संयोजित करने और नवंबर 2021 में यूके द्वारा ग्लासगो में आयोजित होने वाले COP26 शिखर सम्मेलन में GGI-OSOWOG को संयुक्त रूप से लॉन्च करने पर सहमति व्यक्त की है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+