कांग्रेस में वापसी की अटकलों को गुलाम नबी आजाद ने किया खारिज, कहा-'सुलह की खबरें निराधार'

गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस में फिर से ज्वॉइन करने की खबरों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक वर्ग की तरफ से इस तरह की खबरें फैलाईं जा रही हैं।

gulam nabi azad

गुलाब नबी आजाद ने पिछले महीनों कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद उन्होंने डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी नाम से खुद की पार्टी बनाई थी। कई मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा था कि गुलाब नबी आजाद फिर से कांग्रेस ज्वॉइन कर सकते हैं। वहीं, अब इस पूरे मामले को लेकर उनका बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस नहीं ज्वॉइन कर रहे हैं। कांग्रेस में लौटने की रिपोर्ट पूरी तरह से निराधार है।

समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं का एक वर्ग उनकी पार्टी के समर्थकों का मनोबल गिराने के लिए ऐसी खबरें फैलाने की कोशिश कर रहा है। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री आजाद ने ट्वीट एक ट्वीट भी किया है। अपने ट्वीट में उन्होंने कहा कि उनके मन में कांग्रेस और उसके नेतृत्व के खिलाफ कोई दुर्भावना नहीं है। ऐसे में "उनसे अनुरोध है कि वे झूठी खबर को फैलाने वालों को ऐसा करने से रोकें।

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    मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज करते हुए आजाद ने कहा कि उन्होंने दोबारा कांग्रेस में वापसी को लेकर किसी भी नेता या फिर कांग्रेस संगठन से बात नहीं की है। साथ ही उन्होंने कहा कि वे अफवाहों के बावजूद और मजबूत होंगे। उन्हें कांग्रेस को लेकर जो भी कहना था, उन्होंने त्याग पत्र के माध्यम से बात दिया है।

    आपको बता दें कि आजाद ने पार्टी से 52 साल के लंबे जुड़ाव के बाद इस साल अगस्त में कांग्रेस छोड़ दी थी। कांग्रेस से अपने इस्तीफे के बाद आज़ाद ने इस साल सितंबर में जम्मू में एक कार्यक्रम में डेमोक्रेटिक आज़ाद पार्टी की शुरुआत की। सोनिया गांधी को लिखे अपने त्याग पत्र में उन्होंने पार्टी नेतृत्व, विशेष रूप से राहुल गांधी पर निशाना साधा था। इस्तीफे में उन्होंने पिछले 9 वर्षों के दौरान राहुल गांधी की तरफ से किए गए नेतृत्व पर सवाल उठाया था। पांच पन्नों के अपने रिजाइन लेट में आज़ाद ने दावा किया था कि एक मंडली पार्टी चलाती है, जबकि सोनिया गांधी सिर्फ "नाममात्र प्रमुख" थीं और सभी बड़े फैसले "राहुल गांधी या बल्कि उनके सुरक्षा गार्ड और पीए" द्वारा लिए गए थे।

    राज्यसभा में विपक्ष के नेता रहने के दौरान कांग्रेस के साथ अपने लंबे जुड़ाव को याद करते हुए आज़ाद ने कहा था कि पार्टी में स्थिति "वापसी नहीं" के बिंदु पर पहुंच गई है। आपको बता दें कि आजाद के इस्तीफे के बाद पार्टी की खूब किरकिरी हुई थी। भाजपा सहित अन्य विपक्षी पार्टियों की तरफ से भी कांग्रेस पर हमला बोला गया था।

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