70 लाख रुपए गायब करने वाली महिला SHO के केस में नया मोड़, अब पुलिस के सामने खड़ी हुई ये मुश्किल
'लेडी सिंघम' के नाम से मशहूर महिला एसएचओ लक्ष्मी सिंह चौहान के केस में नया मोड़ आ गया है।
नई दिल्ली। यूपी के गाजियाबाद में बरामदगी के 1.15 करोड़ रुपए में से 70 लाख रुपए गायब करने वाली लिंक रोड थाने की एसएचओ लक्ष्मी सिंह चौहान के केस में नया मोड़ आ गया है। दरअसल, इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद एसएचओ लक्ष्मी सिंह चौहान समेत सातों पुलिसकर्मी फरार हो गए हैं। अब मुश्किल ये है कि आरोपी पुलिसकर्मियों के फरार होने के बाद उनके पास से गायब हुए 70 लाख रुपए बरामद करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती होगा। इस मामले में एसपी सिटी श्लोक कुमार का कहना है कि यह केस बिना ट्रैप का है इसलिए आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाने के अलावा उनसे रकम भी बरामद करनी होगी।

1.15 करोड़ रुपए में से गायब किए 70 लाख रुपए
आपको बता दें कि गाजियाबाद के लिंक रोड थाने के इस मामले ने पुलिस विभाग पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिए हैं। यहां एक महिला एसएचओ ने गबन के आरोपियों से बरामद किए गए 1 करोड़, 15 लाख रुपयों में से 70 लाख रुपए गायब कर दिए। मामले का खुलासा हुआ तो पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मामले में एसएसपी ने आरोपी महिला एसएचओ समेत सात पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करते हुए सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए। इस मामले की जांच सीओ को सौंपी गई थी, जिनकी तहकीकात में चौंकाने वाली हकीकत सामने आई।

एटीएम में रुपए डालने वाली कंपनी का था मामला
दरअसल, गाजियाबाद के साहिबाबाद इंडस्ट्रियल इलाके में गबन का एक मामला सामने आया था, जिसमें एटीएम में रुपए डालने वाली एक कंपनी के कर्मचारियों पर ही गबन का आरोप था। इस मामले की जांच लिंक रोड थाने की इंचार्ज लक्ष्मी सिंह चौहान को सौंपी गई थी। रुपए डालने वाली कंपनी 'सीएमएस इन्फो सिस्टम' का क्षेत्रीय कार्यालय साहिबाबाद के साइट-4 इंडस्ट्रियल इलाके में स्थित है। कंपनी को जब रुपयों में हेराफेरी का पता चला तो बीते 22 अप्रैल को कैश कस्टोडियन राजीव सचान के ऊपर केस दर्ज कराया गया था। लिंक रोड थाना पुलिस ने बीते मंगलवार की रात को मुख्य आरोपी राजीव सचान को उसके साथी आमिर के साथ गिरफ्तार कर लिया। यहां से एसएसओ लक्ष्मी सिंह चौहान ने रुपए गायब करने का खेल शुरू किया।

बरामद रकम में हेरफेर की खबर से हड़कंप
पुलिस ने मंगलवार को जब आरोपियों को गिरफ्तार किया, तो उनके पास से 1.15 करोड़ रुपए बरामद किए गए। लिंक रोड थाना पुलिस ने इसमें 70 लाख रुपए गायब करते हुए केवल 45 लाख, 81 हजार रुपए की बरामदगी दिखाई और फर्द तैयार कर दी। इसके बाद जब मामले में सीओ राकेश कुमार मिश्र ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की तो पता चला कि राजीव सचान से करीब 55 लाख रुपए और आमिर से 60 लाख रुपये बरामद किए गए थे। बरामद की गई रकम में हेरफेर की खबर सुनकर वरिष्ठ अधिकारियों में हड़कंप मच गया और सीओ राकेश कुमार मिश्र को पूरे मामले की तहकीकात करने के लिए कहा गया।

CCTV फुटेज से खुला राज
सीओ राकेश कुमार ने मामले की जांच के लिए महाराजपुर चौकी की सीसीटीवी फुटेज चेक की तो लिंक रोड़ थाना पुलिस बेनकाब हो गई। दरअसल सीसीटीवी फुटेज में नजर आया कि आरोपियों के पास से रुपयों से भरे दो बैग बरामद किए गए, जिनमें से एक बैग पुलिसकर्मियों ने एक प्राइवेट गाड़ी में रख दिया। फुटेज को गौर से देखा गया तो यह बैग कोई और नहीं, बल्कि खुद एसएचओ लक्ष्मी सिंह चौहान गाड़ी में रखती हुई दिखाई दी। इस पूरे खेल में एसएचओ लक्ष्मी सिंह चौहान के अलावा, सब इंस्पेक्टर नवीन कुमार पचौरी, कांस्टेबल बच्चू सिंह, फराज, धीरज भारद्वाज, सौरभ कुमार और सचिन कुमार शामिल थे। सीओ की रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने इन सभी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करते हुए इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।

आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
आपको बता दें कि एसएचओ लक्ष्मी सिंह चौहान सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती थीं। लक्ष्मी सिंह चौहान छोटी-छोटी घटनाओं का खुलासा करने के बाद उन्हें अपने फेसबुक पेज पर शेयर करती थीं और लोग उन्हें लेडी सिंघम के नाम से पुकारते थे। आरोपी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने के बाद एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने कहा, 'फर्द में बरामदगी के रुपयों में से 70 लाख रुपए कम दिखाने से पुलिस विभाग की छवि खराब हुई है। आरोप साबित होने पर लिंक रोड एसएचओ सहित सात पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इन सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।'












Click it and Unblock the Notifications