Gautam Adani: स्पाइन से नेशन बिल्डिंग तक, SMISS सम्मेलन में गौतम अडानी ने दिखाया नया रास्ता!

मुंबई में 11 जुलाई को SMISS एशिया पैसिफिक सम्मेलन (Asia Pacific conference) के दौरान अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी (Gautam Adani) ने एक भावनात्मक और प्रेरक भाषण देते हुए चिकित्सा और उद्यमिता नेतृत्व के बीच गहरी समानता बताई।

उन्होंने देश के अग्रणी स्पाइन सर्जनों और मेडिकल इनोवेटर्स से अपील की कि वे भारत के हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को राष्ट्र के विकास की 'रीढ़' के रूप में फिर से कल्पना करें।

ताज महल पैलेस में प्रतिष्ठित डॉक्टरों से भरे एक सभागार को संबोधित करते हुए अडानी ने दिल से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, 'दुनिया आपको स्पाइन डॉक्टर कहती है, लेकिन आपके मरीज आपको उम्मीद के रूप में देखते हैं।' मुन्‍नाभाई MBBS को अपनी पसंदीदा फिल्मों में से एक बताते हुए अडानी ने याद दिलाया, 'अच्छा इलाज सिर्फ सर्जरी से नहीं होता... इलाज उम्मीद है, इलाज इंसानियत है।'

gautam- adani

19 साल की उम्र में अपने भाई की फैक्ट्री संभाली
व्यक्तिगत अनुभव शेयर करते हुए अडानी ने अपने उद्यमशील सफर को याद किया- कैसे वे अहमदाबाद से 16 साल की उम्र में सेकेंड क्लास टिकट लेकर मुंबई आए, हीरे तराशे और ₹10,000 का पहला सौदा किया और फिर 19 साल की उम्र में अपने भाई की फैक्ट्री संभाली।

उन्होंने कहा, 'उद्यमिता तब शुरू होती है जब भविष्य अनिश्चित हो और फिर भी आप आगे बढ़ने का साहस करें।' अडानी का यह सफर राजीव गांधी और मनमोहन सिंह जैसे नेताओं के तहत हुए आर्थिक सुधारों से गहराई से प्रभावित रहा और 1991 की उदारीकरण नीति उनके लिए एक टर्निंग प्वाइंट साबित हुई।

उन्होंने कहा कि, 'तीन शब्द थे- अवमूल्यन, उदारीकरण और वैश्वीकरण। यह कई बड़े कॉरपोरेट्स के लिए गिरावट का समय था, लेकिन हमारे जैसे पहले पीढ़ी के उद्यमियों के लिए यह पुनर्नवाचार की चिंगारी थी।'

अडानी ने बताया कि कैसे उन्होंने मुंद्रा की बंजर नमक जमीन को भारत की सबसे बड़ी मल्टी-कार्गो पोर्ट, दुनिया के सबसे बड़े निजी थर्मल पावर प्लांट और सौर ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल और लॉजिस्टिक्स का हब बना दिया।

भविष्य की योजनाओं की बात करते हुए अडानी ने अगले पांच वर्षों में ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर में करीब \$100 बिलियन निवेश की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि, 'हम वह रीढ़ बना रहे हैं जो 1.4 अरब सपनों को उठाएगी। एक रीढ़ जो दुनिया से कहेगी कि भारत का उत्थान अब अटल है।'

आज अडानी ग्रुप संचालित करता है:

  • दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सौर ऊर्जा कंपनी और 30 गीगावॉट की रिन्यूएबल पार्क
  • भारत का सबसे बड़ा निजी हवाईअड्डा नेटवर्क
  • भारत का सबसे बड़ा पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स ऑपरेशन
  • एक ऐसा ऊर्जा व्यापार जो एलएनजी, हाइड्रोजन, सीएनजी, ईवी चार्जिंग, सीमेंट, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में फैला है।

स्पाइनल महामारी: एक राष्ट्रीय संकट
व्यापार से आगे बढ़ते हुए अडानी ने एक चौंकाने वाला आंकड़ा साझा किया। भारत में लो बैक पेन ने मधुमेह और हृदय रोग को पीछे छोड़ते हुए विकलांगता का सबसे बड़ा कारण बन गया है। हर साल लगभग हर दूसरा वयस्क भारतीय इससे प्रभावित होता है।

उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ स्वास्थ्य की बात नहीं है, यह राष्ट्रीय संकट है। भारत तब तक नहीं उठ सकता जब तक उसके लोग खड़े नहीं हो सकते।" डॉक्टरों से उद्यमी सोच अपनाने का आग्रह करते हुए उन्होंने मेडिकल कम्युनिटी को यह चुनौती दी:

  • AI-आधारित स्पाइनल डायग्नोस्टिक टूल्स विकसित करें जो क्षरण को पहले ही पहचान लें
  • ग्रामीण भारत के लिए मोबाइल, कम लागत वाले सर्जिकल थिएटर बनाएं
  • रोबोटिक सर्जरी और बायो-इंटीग्रेटेड इम्प्लांट्स के साथ भविष्य के स्पाइनल अस्पताल डिजाइन करें।

अडानी हेल्थकेयर टेम्पल्स: एक क्रांति की शुरुआत
अडानी ने यह भी दोहराया कि 2022 में घोषित ₹60,000 करोड़ की स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास में निवेश की प्रतिबद्धता पूरी तरह कायम है। उन्होंने कहा, हमने हेल्थकेयर में इसलिए प्रवेश नहीं किया क्योंकि इसमें रफ्तार नहीं थी, बल्कि इसलिए किया क्योंकि रफ्तार पर्याप्त नहीं थी।' उनका विजन है-AI-प्राथमिकता वाला, मानव-केंद्रित हेल्थकेयर इकोसिस्टम।

अहमदाबाद और मुंबई में बन रहे अडानी हेल्थकेयर टेम्पल्स 1,000 बिस्तरों वाले, मेयो क्लिनिक द्वारा मार्गदर्शित इंटीग्रेटेड कैंपस होंगे, जो रिसर्च, पेशेंट केयर, रोबोटिक्स और अप्लाइड लर्निंग को एक साथ जोड़ेंगे। उनके हेल्थकेयर डिज़ाइन के अन्य स्तंभ हैं:

  • आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए मॉड्यूलर इन्फ्रास्ट्रक्चर
  • टेक्नोलॉजी, मेडिसिन और सेवा को जोड़ने वाली मल्टीडिसिप्लिनरी प्रणाली
  • डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिक्स के लिए अत्याधुनिक प्रशिक्षण
  • लोगों को प्राथमिकता देने वाला स्वास्थ्य बीमा, जो कागज़ी काम पर नहीं टिका हो।

एक साथ निर्माण का आह्वान
अपने भाषण के अंत में अडानी ने भावनात्मक अंदाज़ में कहा: 'अगर आप किसी मेड-टेक ब्रेकथ्रू का सपना देख रहे हैं - उसे पूरा करें। अगर आप स्पाइनल केयर में क्रांति लाना चाहते हैं - जरूर करें। अगर आप भारत की सेवा करना चाहते हैं - आगे बढ़ें। हम आपके भरोसेमंद साझेदार, निवेशक और समर्थक बनने को तैयार हैं।'

उन्होंने बात खत्म की एक सच्चाई के साथ और कहा कि, 'जिस रीढ़ को आप आज बचाते हैं, वह उस इंजीनियर की हो सकती है जो हमारे पुल बनाता है, उस किसान की जो हमारे शहरों को खाना देता है, उस वैज्ञानिक की जो हमारी अगली वैक्सीन खोजेगा। तो चलिए, हम सीना तानकर खड़े हों। एक साथ खड़े हों। और एक महान राष्ट्र की रीढ़ मिलकर बनाएं।'

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