Gangasagar Bridge: बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी का बड़ा दांव, मुरीगंगा नदी पर 4 लेन पुल की रखी आधारशिला
Gangasagar Bridge: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को मुरीगंगा नदी पर चार लेन पुल की आधारशिला रखी। इस पुल के बन जाने के बाद गंगा सागर तक सीधे पहुंचा जा सकता है। फिलहाल नाव या फेरी का इस्तेमाल करना पड़ता है। चुनावी मौसम से पहले इस पुल की आधारशिला रखने को बड़ा दांव माना जा रहा है। प्रदेश में अप्रैल-मई में चुनाव हो सकते हैं और उससे पहले सीएम लगातार कई बड़े ऐलान कर रही हैं।
इस पुल के निर्माण के बाद सागर द्वीप सीधे मुख्य भूमि से जुड़ जाएगा। इससे हर साल विश्व प्रसिद्ध गंगासागर मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। करीब 2,500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल को राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना माना जा रहा है। इसे अहम चुनावी कदम भी माना जा रहा है।

Bengal Election से पहले बड़ा दांव
बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी के इस पुल की नींव रखने को बड़ा कदम माना जा रहा है। कुछ दिन पहले ही सीएम ने महाकाल मंदिर बनाए जाने का भी ऐलान किया है। कोलकाता में दुर्गा आंगन की नींव भी रखी है। हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगासागर दर्शन के लिए आते हैं। यह पुल उनके लिए बड़ी राहत होगी। चुनाव से पहले विकास परियोजनाओं का ऐलान ट्रंप कार्ड माना जा रहा है। बीजेपी के चुनावी प्रचार की काट के तौर पर टीएमसी अपने विकास कार्यों को पेश कर सकती है।
Gangasagar Bridge: पुल से मिलेगा वैकल्पिक रास्ता
- गंगासागर सेतु की कुल लंबाई करीब 4.75 किलोमीटर होगी और इसका डिजाइन कोलकाता के विद्यासागर सेतु से प्रेरित होगा।
- अभी तक सागर द्वीप पहुंचने के लिए यात्रियों को नाव और फेरी सेवाओं पर निर्भर रहना पड़ता है। मेले के दौरान भारी भीड़ के कारण काफी परेशानी होती है।
- पुल बनने के बाद यह समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी और साल भर निर्बाध आवागमन संभव हो सकेगा।
- इस परियोजना के लिए राज्य सरकार ने लगभग 12.97 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया है। इसमें काकद्वीप क्षेत्र में 7.95 एकड़ और कचुबेरिया क्षेत्र में 5.01 एकड़ जमीन शामिल है।
Muriganga River पर बन रहा है पुल
अधिकारियों के मुताबिक पुल के निर्माण का ठेका एक निजी कंपनी को दिया गया है। इसे अगले दो से चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पुल के चालू होने से कपिल मुनि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा काफी आसान हो जाएगी। यह पुल सिर्फ धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी अहम साबित होगा। सागर द्वीप से मुख्य भूमि तक कृषि उत्पादों, फल और सब्जियों की ढुलाई सुगम होगी। इससे स्थानीय लोगों की आजीविका मजबूत होगी और क्षेत्र में पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।
गंगासागर मेले पर भी रहेगा फोकस
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लंबे समय से गंगासागर मेले को राष्ट्रीय मेला घोषित करने की मांग करती रही हैं। इस मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। मकर संक्रांति को देखते हुए प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।












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