Ganga Expressway IAF Air Show: 250 KM दूर चीन, 150 KM नेपाल, कितना अहम गंगा एक्सप्रेसवे का शाहजहांपुर रनवे?
Ganga Expressway IAF Air Show: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव का माहौल है। इसी बीच भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने उत्तर प्रदेश के गंगा एक्सप्रेसवे पर बनी नई हवाई पट्टी पर फ्लाईपास्ट किया।
इस वजह से हो रहा है ड्रिल
भारतीय वायुसेना यह अभ्यास इसलिए कर रही है ताकि यह परखा जा सके कि युद्ध या राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति में गंगा एक्सप्रेसवे को वैकल्पिक रनवे के रूप में प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं।

तूफान में गरजे राफेल-मिराज
गंगा एक्सप्रेसवे के 3.5 किमी लंबी रनवे पर मिराज (Mirage), राफेल(Rafale), जगुआर (Jaguar),मिग जैसे फाइटर जेट लैंडिंग और टेक-ऑफ की प्रैक्टिस कर रहे हैं।
मौसम खराब होने के बावजूद भी भारतीय वायुसेना ने ड्रिल किया है। वहीं दिन में हुए ड्रिल के बीच शुक्रवार( 2 मई 2025) को रात में 7 बजे से 10 बजे तक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। साथ ही 3 मई को भी ये ड्रिल जारी रहेगी।
गंगा एक्सप्रेसवे की खास बातें
- यह उत्तर प्रदेश का चौथा एक्सप्रेसवे है जिसमें हवाई पट्टी बनाई गई है
- देश का पहला एक्सप्रेस जो रात में भी लड़ाकू विमानों की लैंडिंग में सक्षम है
- कुल लागत: ₹36,230 करोड़
- लंबाई: 594 किलोमीटर
- यह एक्सप्रेस वे मेरठ से प्रयागराज तक बनाया जा रहा है
रणनीतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है गंगा एक्सप्रेस वे
- चीन सीमा से सिर्फ 250 किलोमीटर की दूरी
- नेपाल सीमा सिर्फ 150 किलोमीटर दूर
- 100-150 किमी के दायरे में गोला-बारूद और ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियां मौजूद
- भारतीय सेना के कई बड़े कैंप और छावनी इस एक्सप्रेस वे के आस-पास मौजूद हैं
- लखनऊ, कानपुर में स्थित सेना के बड़े कैंप और छावनी भी इस एक्सप्रेस वे से नजदीक
- गंगा एक्सप्रेस वे अन्य बड़े एक्सप्रेसवे जैसे यमुना एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेस वे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ता है, जिससे सैनिक और हथियारों की मूवमेंट में कोई रुकावट नहीं रहती
सुरक्षा और व्यवस्था
- पूरे क्षेत्र में 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं
- रात की लैंडिंग के लिए विशेष लाइटिंग व्यवस्था की गई है
- कार्यक्रम को लेकर यातायात पर आंशिक प्रतिबंध भी लागू किए गए हैं












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