Ganesh Chaturthi 2024 पर कैसे करें भगवान गणेश की स्थापना, ज्योतिषाचार्य ने बताया
देशभर में गणेश चतुर्थी का पर्व भक्ति भाव के साथ मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु अपने-अपने घरों और प्रतिष्ठानों में भगवान गणेश की स्थापना करते हैं। भगवान की गणेश की स्थापना से जुड़े किस तरह के विधान शास्त्रों में बताए गए हैं, और कैसे श्रद्धालु भगवान गणेश की स्थापना से लेकर अनंत चतुर्थी तक उनका ध्यान कर सकते हैं। ये बताने के लिए वन इंडिया हिंदी पर मौजूद हैं इंदौर के बेहद प्राचीन शनि मंदिर के पुजारी और ज्योतिष आचार्य पंडित कृष्णा जोशी।
पंडित कृष्ण जोशी बताते हैं कि, गणेश चतुर्थी का काफी महत्व होता है, जहां इस दिन भगवान गणेश की स्थापना घर-घर में की जाती है। गणेश चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी तक कई त्यौहार आते हैं, जिनमें ऋषि पंचमी, हर छठ, देवी सप्तमी, राधा अष्टमी, तेजा दशमी और अनंत चतुर्दशी के पर्व महत्वपूर्ण होते हैं।

ज्योतिषाचार्य कृष्णा जोशी बताते हैं कि कई संयोग को संयुक्त गणेश चतुर्थी का पर्व धूमधाम से देश भर में मनाया जाएगा। यह पूरे साल की सबसे बड़ी चतुर्थी होती है, जिसे भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। हर माह में दो प्रकार की चतुर्थी आती है, जिसमें एक कृष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी होती है, जबकी एक चतुर्थी शुक्ल पक्ष में पड़ती है, उसे विनायक की चतुर्थी कहा जाता है। तिल चतुर्थी और विनायकी चतुर्थी दोनों ही चतुर्थी साल की बड़ी चतुर्थी होती है।
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ज्योतिष आचार्य पंडित कृष्ण जोशी बताते हैं कि, भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने से पहले दीप प्रज्वलित करना चाहिए। दीप प्रज्वलित करने के बाद भगवान की प्रतिमा पर हल्दी-कुमकुम लगाकर उनकी आराधना करनी चाहिए। वहीं इसके बाद भगवान की प्रतिमा पर हल्का सा जल छिटक कर शुद्धिकरण किया जाता है, जिसके बाद भगवान का पूजन होता है।
भगवान के पूजन के बाद उन्हें लड्डू और मोदक का भोग लगाया जाता है। मोदक भगवान को सर्वाधिक प्रिय होता है। यही कारण होता है कि, गणेश चतुर्थी पर भगवान को मोदक का भोग लगाया जाता है। वहीं इसके बाद भगवान की आराधना की जाती है, और भगवान की आरती की जाती है। भगवान की आरती अलग-अलग तरह से की जा सकती है।
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