G20 समिट: राष्ट्राध्यक्षों की पत्नियों को परोसे जाएंगे ये लज़ीज व्यंजन, खेतों की करवाई जाएगी सैर
G20 Summit India: देश की राजधानी दिल्ली में 9 और 10 सितंबर को जी-20 शिखर सम्मेलन किया जा रहा है। भारत की मेजबानी में हो रहे इस जी 20 समिट में दुनिया भर के कई देशों के प्रतिनिनिधयों की पत्नियां भी आएंगी। जिनके खाने-पीने से लेकर उनकी सैर के लिए खास प्रोग्राम भी रखा गया हैं। कृषि प्रधान देश भारत आने वाले इन खास मेहमानों को खेतों की भी सैर करवाई जाएगी।

राष्ट्राध्यक्षों की पत्नियां खेतों की करेगी सैर
आगामी जी20 शिखर सम्मेलन में दुनिया भर से एकत्र हुए राष्ट्राध्यक्षों के पत्नियों को बाजरा के खेतों की सैर करवाई जाएगी। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) के पूसा में बाजरा फार्म (खेत) में इन्हें ले जाया जाएगा। जहां पर इन विदेशी मेहमानों को ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो, समई और कुटकी की खेत दिखाई जाएगी।
जी 20 के लिए ही जून में रोपी गई थी ये फसल
खास बात ये हैं कि इनकी बोआई जी 20 के उद्देश्य से जून में की गई थी। दुनिया भर के राष्ट्रध्यक्षों की पत्नियों को इसे दिखाने का उद्देश्य भारत के कृषि स्टार्ट-अप इकोसिस्टम की ताकत, शोध और इस क्षेत्र में हो रहे विकास को विश्व स्तर पर दर्शाना है। राष्ट्रध्यक्षों की पत्नियों की सुरक्षा के लिए पूसा में 5 हजार पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है।
लाइव कुकिंग समेत होंगे ये कार्यक्रम
इसके अलावा इन खास मेहमानों महिला बाजरा किसानों और उद्यमियों से भी मिलवाया जाएगा। इतना ही लाइव कुकिंग, बाजरा स्ट्रीट और बाजरा रंगोली जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।
पसोसा जाएगा ये खास व्यंजन
जी20 शिखर सम्मेलन में दुनिया भर से एकत्र हुए राष्ट्राध्यक्षों के पत्नियों को ऐतिहासिक जयपुर हाउस में एक विशेष लंच सर्व किया जाएगा। विशिष्ट अतिथियों के लंच मेनू में बाजरा-आधारित व्यंजन शामिल होंगे। जो इन पौष्टिक अनाजों को बढ़ावा देने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करेंगे। इसके अलावा दिल्ली के लक्जरी होटल भी जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले राष्ट्राध्यक्षों को बाजरा आधारित व्यंजनों के अलावा लजीज व्यंजनों की पेश करेंगे।
G20 आयोजनों में बाजरा आधारित व्यंजन ही क्यों?
बता दें अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष (international millet year) यानी आईवाईएम 2023 में भारत सरकार द्वारा प्रायोजित और संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा स्वीकार किए गए प्रस्ताव का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समर्थन किया है। पीएम मोदी का दृष्टिकोण IYM 2023 को एक वैश्विक आंदोलन बनाना और भारत को बाजरा के केंद्र के रूप में स्थापित करना है। याद रहे बाजरा जो एक प्रचीन समय से प्रयोग होता आया है ये पूरे एशिया और अफ्रीका में आधे अरब से अधिक लोगों के लिए मुख्य खाद्य पदार्थ हैं और 130 से अधिक देशों में इनकी खेती की जाती है।












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