टीकाकरण अभियान को 200 दिन पूरे, देश की 7.87% आबादी पूरी तरह से वैक्सीनेट
नई दिल्ली, 04 अगस्त: भारत में कोरोना वायरस को जड़ से खत्म करने के लिए पूरा फोकस टीकाकरण पर किया जा रहा है। ऐसे में देश ने 3 अगस्त को अपने कोरोना टीकाकरण अभियान के 200 दिन पूरे कर लिए हैं, जिसमें टोटल 48 करोड़ 52 लाख 86 हजार 570 डोज दी गई हैं। इन 200 दिनों में भारत ने औसतन प्रतिदिन 24 लाख 26 हजार 432 खुराक दी हैं। वहीं 2011 की जनगणना के मुताबिक देश में 18 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 94 करोड़ व्यक्ति हैं, जबकि कुल जनसंख्या का आंकड़ा 136 करोड़ है। अब तक 10 करोड़ 71 लाख 95 हजार 973 व्यक्तियों यानी वयस्क आबादी का 11.40 फीसदी और कुल जनसंख्या का 7.87 फीसदी टीकाकरण किया जा चुका है।

भारत में मौजूदा वक्त में तीन कोरोना वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा हैं। भारत में निर्मित कोविशील्ड और कोवैक्सीन और रूसी स्पुतनिक वी। देश में 90 फीसदी से अधिक टीकाकरण में कोविशील्ड का उपयोग किया गया है। इन तीनों वैक्सीन के दो शॉट टीके के रूप में दिए जा रहे हैं। वैक्सीनेशन अभियान ने जून और जुलाई के महीनों में काफी गति पकड़ी है, जो एक दिन में 40 लाख तक का बड़ा आंकड़ा पार कर चुकी हैं। ऐसे में जानते हैं कि भारत में कैसे चल रहा है दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान।
पहला फेज- जनवरी 2021: देश में सबसे पहले 16 जनवरी, 2021 को कोविशील्ड और कोवैक्सीन के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी के साथ अपना टीकाकरण अभियान शुरू किया। पहला चरण लगभग 1 करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों के लिए था। 16 दिनों के दौरान कुल 37 लाख 58 हजार 843 टीके लगाए गए, जो प्रति दिन औसतन 2 लाख 34 हजार 927 एचसीडब्ल्यू यानी हेल्थ वर्क्स का टीकाकरण करते थे।
पहला फेज- फरवरी 2021: जनवरी के बाद फिर फरवरी में फ्रंटलाइन वर्कर्स एक अहम कड़ी थी, इसमें आवश्यक सेवाएं देने के लिए पुलिस वाले, पत्रकार, ड्राइवर और कूरियर बॉय शामिल थे। हेल्थ वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स को कुल 1 करोड़ 05 लाख 42 हजार 423 खुराकें दी गईं थी, जो डेली औसतन 3 लाख 76 हजार 515 खुराक थी।
दूसरा फेज- मार्च 2021: फिर मार्च 2021 से सामूहिक टीकाकरण शुरू किया गया। इस दौरान 60 वर्ष से अधिक आयु और 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोग शामिल थे। टीकाकरण अभियान के दूसरे चरण में 5,08,16,630 खुराकें दी गईं, जिसका औसत 16,39,246 प्रति दिन था।
तीसरा फेज-अप्रैल 2021: तीसरा चरण 1 अप्रैल को 45 वर्ष से ऊपर की पूरी आबादी के लिए चलाया गया था। उस महीने ड्राइव ने 8,98,71,739 वैक्सीन शॉट्स और प्रति दिन 29,95,724 खुराकें दी गई। इस दौरान देश में कोरोना की दूसरी लहर ने आतंक मचा दिया।
चौथा फेज-मई 2021: दूसरी लहर के बीच 18 वर्ष से अधिक आयु के 94 करोड़ व्यक्तियों के लिए चौथे चरण में टीकाकरण अभियान खोला गया। मई में दूसरी कोविड लहर चरम पर थी। वहीं वैक्सीन की कमी के कारण टीकाकरण की भारत की गति कम हो गई। मई में सिर्फ 6,10,57,003 खुराक दी गई, जो औसतन 20.35 लाख खुराक एक दिन में आती है, अप्रैल से 32% की गिरावट दर्ज की गई।
5वां फेज- जून 2021: फिर 21 जून से केंद्र सरकार के नियंत्रण में वैक्सीन अभियान लाया गया, एक दिन 86 लाख से अधिक टीकाकरण हुए। अगले 10 दिनों में, 21 जून से 30 जून तक, प्रतिदिन औसतन 52,55,937 डोज दी गईं। जून में कुल 11,96,69,381 कोविड वैक्सीन खुराकें दी गईं, जो औसतन एक दिन में 39,88,979 खुराक हैं। मई के महीने से यह 96% की बड़ी छलांग थी। जून वो ही महीना भी था, जिसने देश में महामारी को धीमा होते देखा।
7वां फेज-जुलाई 2021: जुलाई में पिछले 15 दिनों में कोरोना की आर-वैल्यू जैसे तरीकों से फिर से वृद्धि देखी गई। कुल 13,45,82,577 टीकों की खुराक दी गई, औसतन एक दिन में 43,41,373 डोज। यह जून में टीकाकरण की गति से 12.5 प्रतिशत अधिक है। ऐसे में भारत जुलाई में चीन और अमेरिका के बाद पूरी तरह से टीकाकरण वाले नागरिकों के 10 करोड़ के आंकड़े को पार करने वाला तीसरा देश बन गया है।
देश ने अगस्त के लिए अपने वैक्सीनेशन टारगेट में बदलाव किया है, जो अब तक पहले तीन दिनों में यानी 3 अगस्त तक 1,40,69,926 खुराक वितरित की चुकी है। नीति आयोग के डॉ. वीके पॉल के अनुसार भारत में इस महीने लगभग 15 करोड़ टीकाकरण होने की उम्मीद है। यह मई में निर्धारित 25 करोड़ के पहले के लक्ष्य से काफी कम है। हालांकि इससे यह भी साफ होता है कि घरेलू वैक्सीन निर्माता अपने उत्पादन स्तर को अपेक्षित क्षमता तक बढ़ाने में सक्षम नहीं हैं।












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