जाली मुद्रा मामले में भगोड़े मोइदीनब्बा उमर बेरी को 12 साल बाद यूएई से प्रत्यर्पित किया गया
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा नकली मुद्रा रैकेट में शामिल होने के आरोप में वांछित एक भगोड़े को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से प्रत्यर्पित किया गया है। मोइद्दीनब्बा उम्मेर बेरी, जो 12 वर्षों से फरार था, को शुक्रवार को दुबई से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाया गया। अधिकारियों ने पुष्टि की कि इस ऑपरेशन का समन्वय केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा किया गया था।

बेरी को गुरुवार को यूएई में प्रत्यर्पण कार्यवाही पूरी होने के बाद गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई ने इंटरपोल के माध्यम से और एनसीबी-अबू धाबी के सहयोग से, पहले यूएई में बेरी का भौगोलिक स्थान पता लगाया था। सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा कि बेरी को एनआईए की कोच्चि इकाई द्वारा भारतीय करेंसी नोटों की जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में वांछित किया गया था।
मामले की पृष्ठभूमि
भगोड़े को 2015 में यूएई में गिरफ्तार किया गया था, और तब से प्रत्यर्पण की कार्यवाही चल रही थी। बेरी पर दुबई में उच्च गुणवत्ता वाले नकली भारतीय करेंसी नोट (एफआईसीएन) खरीदने और उन्हें शारजाह के माध्यम से बेंगलुरु ले जाने का आरोप है। सीबीआई ने 30 दिसंबर, 2013 को एनआईए के अनुरोध पर उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था।
कानूनी कार्यवाही और जांच
एनआईए ने बताया कि केरल के कासरगोड जिले में चार स्थानों से एफआईसीएन बरामद करने के बाद, बेरी का पासपोर्ट रद्द कर दिया गया और रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया। 2015 में, यूएई के अधिकारियों ने उसे ढूंढ निकाला और गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद एनआईए की ओर से प्रत्यर्पण का अनुरोध किया गया। यूएई के अधिकारियों ने 19 जून को प्रत्यर्पण प्रक्रिया पूरी की।
साजिश और आरोप
एनआईए की जांच से पता चला कि बेरी, जो कर्नाटक के उडुपी जिले का मूल निवासी है, ने सह-अभियुक्तों के साथ मिलकर यूएई से 31 लाख रुपये मूल्य के एफआईसीएन हासिल करने की साजिश रची थी। इन नोटों को एक अन्य आरोपी, उस्मान द्वारा बेंगलुरु के रास्ते भारत में तस्करी कर लाया गया था। फिर नकली नोटों को कासरगोड जिले में प्रसारित किया गया।
वर्तमान स्थिति
एनआईए ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत बेरी सहित छह अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। एजेंसी नकली गतिविधियों में शामिल नेटवर्क को नष्ट करने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए है।
With inputs from PTI












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