• search

रूस, ईरान, नॉर्थ कोरिया पर प्रतिबंध के बाद क्या अमेरिका अब भारत पर साधेगा निशाना?

By Amit J
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्ली। अमेरिका ने रूस, ईरान और नॉर्थ कोरिया पर प्रतिबंध लगाए हैं और डोनाल्ड ट्रंप का अब अगला शिकार भारत नजर आ रहा है। रूस के साथ भारत के बढ़ते सहयोग और ईरान के चाबहार पोर्ट से होकर अफगानिस्तान में व्यापार से अमेरिका को परेशानी हो रही है। डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल अगस्त 2017 में काटसा (CAATSA) कानून पारित किया था, जो इस साल जनवरी में अस्तित्व में आया। इस कानुन के अनुसार, ट्रंप प्रशासन उन देशों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेगी जो रूस के साथ रक्षा या खुफिया सेक्टर में कोई लेन देन करता है।

    रूस, ईरान के बाद क्या US अब भारत पर लगाएगा प्रतिबंध

    चूंकि रक्षा सौदे के मामले में शुरू से ही रूस भारत का सबसे बड़ा सहयोगी मुल्क रहा है और इस बार पीएम मोदी जब पुतिन से मिल रहे हैं तो एस-400 मिसाइल सिस्टम पर चर्चा होने की पूरी-पूरी संभावना है। यहां तक 2016 के इस सौदे पर अंतिम मुहर भी लग सकती है।

    गेम चेंजिंग मिसाइल के रूप से देखा जा रहे रूस के एस-400 लॉन्ग रैंज वाले मिसाइल सिस्टम 400 किमी की दूरी से दुश्मन की तरफ से आने वाले एयरक्राफ्ट, मिसाइल और यहां तक कि ड्रोन की नष्ट की क्षमता रखती है। ये एस-400 मिसाइल सिस्टम तीन प्रकार की मिसाइलों को एक साथ फायर करने की क्षमता रखती है। 2016 में भारत ने 4.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर की लागत से एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम खरीदने के लिए हस्ताक्षर हुए थे, लेकिन मोल भाव की वजह से काफी वक्त से इस डील पर अंतिम मुहर नहीं लग पाई है।

    रूस के सेन्य सहयोग का लंबा इतिहास रहा है, इसलिए भारत के लिए सिर्फ एयर डिफेंस सिस्टम ही चिंता का विषय नहीं है। हर साल बड़ी मात्रा में रूस की कंपनियां भारत को हथियार उपलब्ध कराती है। स्टॉकहोम पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट ने पिछले माह अपनी एक रिपोर्ट मे कहा था कि भारत ने पिछले पांच साल में अपने 62 प्रतिशत हथियार रूस से खरीदे हैं। भारत के लिए सिक्योरिटी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए रूसी पार्ट्स, सप्लाई और मेंटेनेंस में अहम भूमिका निभाते हैं।

    हालांकि, पिछले माह अप्रैल में अमेरिकी डिफेंस सेक्रेटरी जिम मैटिस ने कांग्रेस से आग्रह किया था कि रूस के खातिर भारत के रक्षा सौदों पर अगर प्रतिबंध लगाया तो अमेरिका को नुकसान होगा। सीनेट आर्म्ड सर्विस कमेटी में कांग्रेस में सासंदों को मैटिस ने अमरीकी सांसदों से कहा कि भारत और अन्य देशों को तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय सुरक्षा छूट दी जानी चाहिए।

    लेकिन, शनिवार को अमेरिका की पॉलिटिकल मिलिट्री अफैयर्स की प्रिसिंपल डेप्यूटी असिस्टेंट सेक्रेटरी टिना कायडानाउ ने शनिवार को न्यूज कांफ्रेंस में कहा कि काटसा की एक विशेषता है और हमें इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। ट्रम्प प्रशासन हमेशा अमेरिकी कानून द्वारा बंधे रहते हैं। उन्होंने कहा कि यह एक अमेरिकी कानून है और मुझे उम्मीद है कि सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि सभी भागीदारों के साथ हम शामिल होंगे। कायडानाउ ने कहा कि हमें रूस से गंभीर रूप से किसी भी बड़ी बड़ी रक्षा खरीद का मूल्यांकन करना होगा क्योंकि हमारे लिए कानून की यही मांग है।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    From Russia to Iran, India caught in crossfire of US sanctions

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more