Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

फ्री पास, विक्ट्री परेड, पुलिस का इनपुट —बेंगलुरु भगदड़ के पीछे की कहानी, 5 प्वाइंट में समझिए सबकुछ

Bengaluru stampede News Update: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के पहले आईपीएल (IPL) खिताब का जश्न जब-जब याद किया जाएगा...तब-तब उसके साथ बेंगलुरु भगदड़ त्रासदी भी लोगों के जहन में आ जाएगा। RCB को IPL जीत की खुशी तो मिली लेकिन साथ में गम भी मिला। 4 जून 2025 को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के एक किलोमीटर के दायरे में लाखों लोग RCB की जीत का जश्न मनाने और अपने पसंदीदा खिलाड़ी को देखने के लिए इकट्ठा हुए।

कुछ घंटों बाद, खुशी का यह उन्माद दुख में बदल गया...जिसके बाद मची भगदड़ में 11 लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए। अब इस त्रासदी के पीछे कई चूक और लापरवाहियों के संकेत मिल रहे हैं। भीड़ के भगदड़ में तब्दील होने से कुछ घंटे पहले ही ऐसे संकेत मिल गए थे, जिसको जानने के बाद आप भी कह सकते हैं...अगर समय रहते उनपर कार्रवाई की जाती तो ये त्रासदी शायद टल सकती थी। लेकिन शायद इसे अनदेखा कर दिया गया। ऐसे में आइए जानें बेंगलुरु भगदड़ के पीछे कहीं ये 5 कारण तो जिम्मेदार नहीं...।

Bengaluru stampede News Update

1. RCB का सोशल मीडिया पर अचानक ऐलान

RCB ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर @RCBTweets 4 जून दोपहर 3:14 बजे "RCB Victory Parade" का ऐलान किया। जिसमें बताया गया कि विधान सौधा से स्टेडियम तक खुली छत वाली बस में एक परेड निकाली जाएगी। जिससे फैंस में उत्साह की लहर दौड़ गई। हालांकि, इस ऐलान में आयोजन की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई और हजारों लोग बिना किसी योजना के स्टेडियम की ओर उमड़ पड़े। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने सुबह 11:56 बजे पहले ही घोषणा कर दी थी कि सुरक्षा चिंताओं के कारण कोई परेड की योजना नहीं बनाई गई है।

2. फ्री पास, लिमिटेड एंट्री भी भीड़ का कारण!

स्थानीय पुलिस और आयोजकों के बीच तालमेल की कमी स्पष्ट रूप से दिखाई दी। RCB ने 4 जून दोपहर 3:14 बजे किए गए पोस्ट में स्टेडियम इवेंट के लिए मुफ्त पास जारी करने की घोषणा की। पोस्ट में बताया गया कि सीमित संख्या में ये पास ऑनलाइन shop.royalchallengers.com वेबसाइट पर मिलेंगे।

शुरुआत में ये पास जारी किए गए, लेकिन बाद में आयोजकों ने सभी के लिए मुफ्त एंट्री की घोषणा कर दी। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग अचानक स्टेडियम के गेट की ओर उमड़ पड़े। पास रखने वाले और बिना पास वाले -सभी दर्शक एक साथ एंट्री पाने की कोशिश करने लगे, जिससे एंट्री गेट पर जबरदस्त भीड़ जमा हो गई। चश्मदीद बताते हैं कि इस भगदड़ में कई टीनएजर, लड़कियां और युवा लड़के कुचल गए, क्योंकि गेट पर सुरक्षा व्यवस्था कमजोर थी।

Bengaluru stampede News Update

3. पुलिस ने कहा- कार्यक्रम रविवार कीजिए, पर नहीं मानी सरकार!

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक बेंगलुरु पुलिस ने कर्नाटक सरकार को सुझाव दिया था कि RCB की जीत का जश्न रविवार को आयोजित किया जाए ताकि ट्रैफिक जाम से बचा जा सके और सुरक्षा तैयारियों के लिए समय मिल सके। लेकिन इस सलाह को दरकिनार करते हुए सरकार ने आईपीएल फाइनल के 24 घंटे के भीतर ही कार्यक्रम आयोजित कर दिया।

मंगलवार 3 जून की रात RCB की जीत के बाद हुए जश्न के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस पहले ही बिजी थी। ऐसे में अगले ही दिन बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करना, बिना तैयारी के, पुलिस के लिए भारी चुनौती बन गया।

Deccan Herald की रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने सरकार से एक हफ्ते की देरी करने की सिफारिश की थी, लेकिन इसे नजरअंदाज कर दिया गया। सरकार के जल्दबाज़ी में लिए गए फैसले से अव्यवस्था फैल गई-स्टाफ की कमी, खराब बैरिकेडिंग, और भीड़ नियंत्रण की नाकामी की वजह से भगदड़ मच गई, जिसमें 11 लोगों की जान चली गई। सोशल मीडिया पर ये भी दावा किया जा रहा है कि कर्नाटक के राजनीतिक नेता जश्न के चरम माहौल का राजनीतिक लाभ उठाना चाहते थे।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दावा किया कि इस आयोजन के लिए 5,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे और भीड़ को "बेकाबू" बताया। लेकिन बाद में राज्य के एडवोकेट जनरल शशि किरण शेट्टी ने कोर्ट में स्वीकार किया कि मौके पर सिर्फ 1,000 से थोड़े ज्यादा पुलिसकर्मी ही तैनात किए गए थे।

बेंगलुरु के पूर्व पुलिस कमिश्नर भास्कर राव ने इन जश्नों को "असंगठित, जल्दबाजी में लिए गए और बिना योजना के" बताया। उन्होंने कहा, "अगर मैं अभी भी पुलिस कमिश्नर होता, तो मुख्यमंत्री से साफ कहता कि विजय रैली और सम्मान समारोह को कुछ दिन टाल दें।

Bengaluru stampede News Update

4. स्टेडियम में 35,000 लोगों के लिए जगह, लेकिन भीड़ 2-3 लाख!

चिन्नास्वामी स्टेडियम की अधिकतम क्षमता लगभग 35,000 दर्शकों की है, लेकिन आयोजित RCB के जश्न में 2 से 3 लाख तक फैंस उमड़ पड़े। सिर्फ विधान सौधा के पास ही 1 लाख से ज्यादा लोग जमा हो गए, जहां से कार्यक्रम की शुरुआत होने की घोषणा की गई थी।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने खुद माना कि "हमने इतनी भीड़ की उम्मीद नहीं की थी," जिससे साफ होता है कि ये इवेंट बेहद जल्दबाजी में आयोजित किया गया था।

भीड़ का यह जबरदस्त टर्नआउट आयोजकों की लापरवाही और योजना की कमी को उजागर करता है। कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) और RCB की तरफ से भी सही प्लानिंग नहीं की गई। स्टेडियम की क्षमता और भीड़ के आकार के बीच भारी अंतर ने पूरे माहौल को एक खतरनाक 'प्रेशर कुकर' स्थिति में बदल दिया, जो बाद में भगदड़ जैसी त्रासदी का कारण बनी।

Bengaluru stampede News Update

5. चिन्नास्वामी में एग्जिट गेट भी अहम कारण

भगदड़ चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3, 12 और 18 पर हुई, जहां भीड़ ने जबरन घुसने और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की थी।
इन गेटों पर रास्ते बेहद छोटे थे और एक अस्थायी स्लैब, जो स्टेडियम के पास एक नाले पर डाला गया था, धंस गया। इससे अचानक अफरातफरी मच गई और दम घुटने से कई लोगों की मौत हो गई।

एक चश्मदीद ने बताया कि लगभग 600 से 700 लोगों की भीड़, जिनमें अधिकतर महिलाएं थीं, ने जबरन गेट खोला और एक साथ अंदर घुसने की कोशिश की, जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई।

एक अनाम चश्मदीद ने ने पीटीआई को बताया,

"सूचना फैलाई गई कि टीम का रोड शो रद्द कर दिया गया है और सभी को स्टेडियम में इकट्ठा होने के लिए कहा गया, और कई महिलाएं बिना किसी टिकट के आई थीं... पुलिस ने महिलाओं को रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने नहीं सुनी और गेट पर चढ़ने की कोशिश की। लगभग 600-700 लोगों ने गेट तोड़ दिया और एक बार में अंदर घुसने की कोशिश की। इससे भगदड़ मच गई। कई पीड़ित महिलाएं थीं। हालाँकि मैंने मदद करने की कोशिश की, लेकिन भीड़ और अराजकता के कारण मैं मदद नहीं कर सका।"

ऐसे में आप कह सकते हैं कि इस घटना ने कार्यक्रम को आयोजित करने वाली टीम और प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है। RCB ने मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की है, लेकिन इस त्रासदी से सबक लेना और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाना जरूरी है। इस मामले पर खुद हाई कोर्ट ने स्वत संज्ञान लिया है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+