Shivraj Patil Death:90 की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा,PM मोदी-राष्ट्रपति मुर्मू सहित कई नेताओं ने जताया शोक
Shivraj Patil Death: भारत की राजनीति में एक युग का अंत हो गया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का 90 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। पाटिल ने चार दशकों से अधिक समय तक सार्वजनिक जीवन में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवा की। वह केवल सांसद या मंत्री नहीं थे, बल्कि उनके नेतृत्व, अनुभव और समाज के प्रति समर्पण ने उन्हें देशभर में सम्मानित बनाया।
शिवराज पाटिल के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत अनेक नेताओं ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। 26/11 मुंबई आतंकी हमले के बाद गृह मंत्री के रूप में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना उनके चरित्र और जिम्मेदारी की मिसाल बन गई। उनका जीवन राजनीति, समाज सेवा और नैतिक नेतृत्व का जीता-जागता उदाहरण रहा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पाटिल के निधन पर गहरा दुख जताया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश
राष्ट्रपति मुर्मू ने लिखा कि शिवराज पाटिल का लंबा सार्वजनिक जीवन देश की सेवा को समर्पित रहा। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल और सांसद जैसे कई अहम पदों पर जिम्मेदारी निभाई। राष्ट्रपति ने उनके परिवार, शुभचिंतकों और समर्थकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
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प्रधानमंत्री मोदी ने याद किए पाटिल के योगदान
प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें अनुभवी और समाज की भलाई के लिए समर्पित नेता बताया। उन्होंने कहा कि शिवराज पाटिल ने अपने सार्वजनिक जीवन में विधायक, सांसद, महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष, लोकसभा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। पीएम मोदी ने यह भी याद किया कि कुछ महीने पहले ही पाटिल उनसे उनके आवास पर मिलने आए थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके परिवार के प्रति वह शोक की इस घड़ी में साथ हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें सार्वजनिक मामलों का गहरा ज्ञान रखने वाला नेता बताया। उन्होंने कहा कि शिवराज पाटिल की सादगी, गंभीरता और लंबे अनुभव ने भारतीय राजनीति को नई दिशा दी। शाह ने उनके परिवार और शुभचिंतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
राहुल गांधी ने कहा-"कांग्रेस के लिए अपूरणीय क्षति"
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी पाटिल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है। राहुल गांधी ने लिखा कि शिवराज पाटिल का जीवन पूरी तरह सार्वजनिक सेवा के लिए समर्पित रहा और देश के लिए उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
लंबा और प्रभावशाली राजनीतिक सफर
शिवराज पाटिल का जन्म 12 अक्टूबर 1935 को महाराष्ट्र के लातूर जिले के चाकुर गांव में हुआ। उन्होंने 1980 में पहली बार 7वीं लोकसभा के लिए चुनाव जीता और लगातार सात बार इस सीट पर जीत दर्ज की। इस दौरान उन्होंने संसद और केंद्र सरकार दोनों में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। लोकसभा के 10वें अध्यक्ष के रूप में उन्होंने महत्वपूर्ण संसदीय सुधारों को आगे बढ़ाया।
बाद में उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री बनाया गया (2004-2008)। 26/11 मुंबई आतंकी हमले के बाद उन्होंने सुरक्षा चूक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बाद में वह पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित चंडीगढ़ के प्रशासक भी बने।
अंत तक सक्रिय रहे सार्वजनिक जीवन में
शिवराज पाटिल को शांत स्वभाव, गंभीर व्यक्तित्व और प्रशासनिक समझ के लिए जाना जाता था। वह अपने अंतिम दिनों तक राजनीति और प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रूप से अपनी राय रखते रहे। उनके निधन ने भारतीय राजनीति में एक ऐसे अध्याय का अंत कर दिया है, जिसमें अनुभव, सादगी और संतुलित नेतृत्व की झलक मिलती थी।
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