पूर्व SEBI प्रमुख माधबी पुरी को लोकपाल से मिली क्लीन चिट, हिंडनबर्ग रिपोर्ट में लगाए गए थे ये गंभीर आरोप
EX SEBI chief Madhabi Puri Buch gets clean chit: सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (Sebi) की पूर्व चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच को बुधवार को बड़ी राहत मिली है। लोकपाल द्वारा की गई जांच के बाद माधबी पुरी बुच को भ्रष्टाचार के आरोपों से बरी कर दिया गया है। लोकपाल की जांच में माधवी पर लगाए आरोप निराधार पाए गए और उन्हें इस मामले में क्लीन चिट दे दी है।
माधबी पुरी बुच के खिलाफ आरोपों की लोकपाल की जांच ने शिकायतों और सबूतों की जांच की। जांच में पाया गया शिकायतों में कोई दम नहीं था और आपराधिक जांच के लिए कोई आधार नहीं था। लोकपाल ने कहा "कानूनी सिद्धांतों के अनुसार ये शिकायतें योग्य नहीं थी और ना ही ये शिकायतें जांच का आधार स्थापित करती हैं।"

अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी हिंडनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में माधबी पुरी बुच के अडानी समूह के बीच कनेक्शन का दावा किया था। हिंडनबर्ग के इन आरोपों के कारण अडानी ग्रुप कंपनी के शेयर की कीमतों में भारी गिरावट आई थी। जानिए क्या है पूरा मामला।
क्या लगे थे आरोप?
दरअअल, हिंडनबर्ग रिसर्च ने 10 अगस्त, 2024 को माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच पर अडानी ग्रुप के विदेशी फंड में हिस्सेदारी रखने का आरोप लगाया था और सेबी और अडानी ग्रुप के बीच मिलीभगत होने का आरोप लगाया था।
माधबी बुच ने आरोपों को निराधार बताया था
हालांकि, बुच दंपति ने इन आरोपों का जोरदार खंडन किया, उन्होंने पहले ही दावा किया था कि उन्होंने कुछ भी नहीं छिपाया है और सभी आरोपों को निराधार बताया था। इसी तरह, अडानी समूह ने आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया था। इसके साथ अडानी ग्रुप ने दावा किया था कि ये आरोप उनकी कंपनी को बदनाम करके लाभ कमाने के लिए किया गया है।
माधबी बुच ने अपने कार्यकाल में लागू किए ये नियम
गौरतलब है कि 2017 में, माधबी पुरी बुच को सेबी में नियुक्त किया गया था। मार्च 2022 में सेबी प्रमुख का पद संभाला था। 28 फरवरी 2025 को माधवी पुरी बुच रिटायर सेबी प्रमुख के पद से रिटायर हुई। अपने कार्यकाल के दौरान बुच ने initial public offering (IPO) से लेकर स्टॉक और F&O और स्टॉक के लिए नियम लागू किए थे। माधबी पुरी बुच ने बाजारों तक फैले कई विनियमों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी समय अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी हिंडनबर्ग ने रिपोर्ट जारी कर अडानी ग्रुप पर आरोप लगाए थे और इसके कुछ समय बाद हिंडनबर्ग ने माधबी पर अडानी ग्रुप से कनेक्शन होने का आरोप लगाया था।












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