भाजपा की शिकायत के बाद अतिरिक्त जिम्मेदारी से हटाए गए पूर्व कमिश्नर राजीव कुमार
नई दिल्ली। शारदा चिट फंड मामले में जिस तरह से कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के खिलाफ जिस तरह से सीबीआई पूछताछ करने के लिए पहुंची थी और पूरा विवाद सामने आया उसके बाद ममता सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। 1 मार्च को राजीव कुमार को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन अब इस जिम्मेदारी को वापस ले लिया गया है। राजीव कुमार को सीआईडी में अडिशनल डायरेक्टर की जिम्मेदारी दी गई थी ताकि वह चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार काम कर सके।

पश्चिम बंगाल के भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने 4 मार्च को चुनाव आयोग से शिकायत की थी और राजीव कुमार को चुनाव की ड्यूटी से अलग रखने की मांग की थी। भाजपा ने आरोप लगाया था कि राजीव कुमार का सीआईडी में ट्रांसफर लोगों की आंख में धूल झोंकने के लिए किया गया है। 6 मार्च को जो नोटिफिकेशन जारी किया गया है उसमे कहा गया है कि 1 मार्च को राजीव कुमार को एडीजी आईजीपी, सीआईडी के पद के अलावा डायरेक्टर ऑफ इकोनोमिक ऑफेंसेस और एसटीएफ की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन उन्हें इस जिम्मेदारी से तत्काल प्रभाव से मुक्त किया जाता है।
चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि जो अधिकारी 31 मार्च तक किसी भी विभाग में तीन वर्ष से अधिक से तैनात हैं उनका तबादला किया जाए। बता दें कि राजीव कुमार 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, वह 21 मई 2016 को कोलकाता के पुलिस कमिश्नर बने थे, वह अप्रैल 2016 से इसी पद पर तैनात हैं। राजीव कुमार को हटाए जाने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने कहा कि हम सरकार के फैसले से खुश हैं, ऐसा लगता है कि सरकार को अपनी गलती का एहसास हो गया।












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