TMC के वरिष्ठ नेता ने प्रशांत किशोर पर कांग्रेस और सोनिया गांधी को ब्लैकमैल करने का आरोप लगाया
नई दिल्ली, 29 अप्रैल। गोवा तृणमूल कांग्रेस के के पूर्व चीफ किरण खांडोलकर ने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी मे आने के लिए प्रशांत किशोर ने कांग्रेस नेतृत्व को ब्लैकमेल किया था, जिसके चलते गोवा में वोटों का बंटवारा हुआ और भारतीय जनता पार्टी को प्रदेश में जीत मिली और उसने फिर से सत्ता में वापसी की। मुझे लगता है कि प्रशांत किशोर गोवा सिर्फ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को ब्लैकमेल करने के लिए आए थे। हमे अब इस बात का एहसास हुआ कि प्रशांत किशोर ने गोवा का इस्तेमाल किया है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर गोवा का इस्तेमाल किया, वो गोवा संदेश देने के लिए आए थे कि अगर आप मुझे पार्टी में नही लेते हैं तो मैं सुनिश्चित करूंगा कि आपका वोट प्रतिशत कम हो, उन्होंने गोवा में अपना यही मुख्य लक्ष्य रखा था।

बता दें कि प्रशांत किशोर ने मंगलार को कांग्रेस में शामिल होने का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। कांग्रेस पार्टी की ओर से 2024 के चुनाव के लिए उ्न्हें ईएजी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। खांडोलकर ने कहा कि गोवा में विपक्षी दलों बंट गए और उन्हें 33 फीसदी वोट मिला और भाजपा सत्ता में आ गई। प्रशांत किशोर ने यह साबित किया कि अगर आप मेरे बारे में बहुत कम सोचते हैं तो जिस तरह से मैंने आपको गोवा में हराया है उसी तरह से मैं आपको राष्ट्रीय स्तर पर हराऊंगा। बता दें कि खांडोलकर को गोवा विधानसभा चुनाव के लिए प्रदेश का पार्टी चीफ बनाया गया था। लेकिन बाद में उन्होंने प्रशांत किशोर और उनकी संस्था आई-पैक पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
किरण खांडोलकर ने कहा कि जब प्रशांत किशोर ने हमे यह भरोसा दिया कि हम विपक्षी दलों को साथ लाएंगे, तो हमे भरोसा था, लेकिन जब चुनाव की तारीख करीब आई और चुनाव को आठ दिन बचे रह गए तो पीके और आई-पैक ने गोवा से मुंह मोड़ लिया। उनकी जो भी योजना थी वह पूरी तरह से फेल हो गई। हो सकता है कि राष्ट्रीय स्तर पर वह बड़े रणनीतिकार हो लेकिन गोवा में नहीं हैं। वो यहां फेल हो गए। पीके दावा कर सकते हैं कि वह आई-पैक से नहीं जुड़े हैं, जिसे गोवा में टीएमसी का चुनाव अभियान देखा, लेकिन अगर ऐसा है तो उन्होंने आखिर क्यों उनके साथ 17-18 बैठकें की। हर उम्मीदवार ने उनसे मुलाकात की, हम सभी झूठ नहीं बोल सकते हैं। टीएमसी को लेकर खांडोलकर ने कहा पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मेरे अंदर कोई भी दुर्भावना नहीं है, ना ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर। लेकिन प्रदेश में पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए पीके-आईपैक जिम्मेदार हैं। टीएमसी ने गोवा में 23 सीटों पर एमजीपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था।












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