जीका को भूलिए, शिमला में पीलिया की वजह से 10 मौतें और 1,600 मरीज
शिमला। दुनिया के साथ ही भारत में जीका और इससे बचाव के बारे में लोग बातें कर रहे हैं लेकिन देश का एक हिस्सा ऐसा है जहां पर एक ऐसी बीमारी बेकाबू हो चुकी है, जिसका इलाज मौजूद है। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में इन दिनों पीलिया अपने सबसे विकराल रूप में है।

दिसंबर में दर्ज हुआ पहला केस
दिसंबर के तीसरे हफ्ते में यहां पर पीलिया का पहला केस दर्ज हुआ था और उसके बाद से इस बीमारी के मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। बताया जा रहा है कि आजादी के बाद से पीलिया शिमला में अपने सबसे भयानक रूप में मौजूद है।
यूनीसेफ से सीखिए जीका की ABCD
इंग्लिश डेली हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिकआधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अब तक इस बीमारी की वजह से 10 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,600 लोगों इससे प्रभावित हैं।
अनुमान 10,000 से ज्यादा पीड़ितों का
अनुमान लगाया है कि पीड़ित लोगों का आंकड़ा 10,000 से ज्यादा हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग को समझ ही नहीं आ रहा है। विभाग की ओर से अभी तक कोई भी सर्वे नहीं किया गया है जिससे इस बीमारी की गंभीरता का पता लगाया जा सके।
बताया जा रहा है कि शिमला में अश्वनी खुद से पीने के पानी की सप्लाई होती है और इस पानी में हिपेटाइटिस ई के वायरस पाए गए थे।
जनवरी में दो लोगों की मौत
अथॉरिटीज ने कोई एक्शन नहीं लिया और जब तक कुछ किया जाता तब तक 25 प्रतिशत जनसंख्या इससे ग्रसित हो चुकी थी।
जनवरी के पहले हफ्ते में दो लोगों की मौत होने के बावजूद कुछ नहीं किया गया। शिमला के जो हालात हैं उसकी वजह से यहां के लोग काफी गुस्से में हैं और दुखी हैं।
उन्हें सरकार और अथॉरिटीज से काफी उम्मीद हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इन हालात के लिए शिमला के स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार को दोषी करार दिया है।












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