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Flashback 2019: एक नजर उन वायरल खबरों पर जो फेक थीं

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नई दिल्ली। वर्ष 2019 के अंत होने के साथ नए वर्ष का स्वागत लोगों ने जबरदस्त तरीके से अपने अंदाज में किया। पिछला वर्ष कई मायनों में काफी खास रहा। वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव हुआ, इसके अलावा कई राज्यों में चुनाव हुए। जहां लोकसभा में भाजपा को जबरदस्त जीत का स्वाद चखने को मिला तो कई विधानसभा चुनाव व उपचुनाव में भाजपा को मुंह की खानी पड़ी। वर्ष 2019 ना सिर्फ इस लिहाज से बेहतर था कि इसमे कई राजनीतिक, सामाजिक उथप-पुथल हुई बल्कि कई ऐसी खबरें भी वायरल हुईं जो फेक थी। आइए डालते हैं ऐसी ही खबरों पर जो लोगों ने सोशल मीडिया पर खूब साझा की लेकिन वह फेक थी।

2000 के नोट बंद होंगे

2000 के नोट बंद होंगे

2000 रुपए की नोट को लेकर एक अफवाह जो लोगों के बीच फैली कि यह नोट अब बंद होने जा रही है, जिसके बाद लोगों में हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया पर लोग तेजी से इस खबर को वायरल करने लगे कि 2000 की नोट बंद होने जा रही है। लेकिन केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने राज्यसभा में इस खबर को खारिज कते हुए कहा कि सरकार का ऐसा कोई इरादा नहीं है।

चप्पल पहनने से कटेगा चालान

चप्पल पहनने से कटेगा चालान

वर्ष 2019 में मोटर व्हीकल एक्ट 2019 को लेकर कई तरह की फर्जी खबरें सामने आई। लेकिन इस कड़ी में जिस खबर ने सबसे ज्यादा सोशल मीडिया पर चर्चा बटोरी वह थी चप्पल पहनकर गाड़ी चलाने से कटेगा चालान। ना सिर्फ चप्पल पहनकर गाड़ी चलाने से चालान की फर्जी खबरें सोशल मीडिया पर खूब धड़ल्ले से शेयर की गईं बल्कि रोड एक्सिटेंड में मौत पर मुआवजे को लेकर भी कई फर्जी खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं।

पीएम मोदी का कांग्रेस को लेकर दावा

पीएम मोदी का कांग्रेस को लेकर दावा

वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी ने दावा किया था कि कांग्रेस पार्टी इस बार सबसे कम सीटों पर चुनाव लड़ रही है। लेकिन पीएम मोदी का यह दावा गलत पाया गया। कांग्रेस पार्टी ने कुल 424 सीटों पर चुनाव लड़ा जोकि अबतक की सबसे कम सीटों पर कांग्रेस द्वारा लड़ा गया चुनाव नहीं था। 2004 में कांग्रेस ने 417 सीटों पर चुनाव लड़ा था।

हैदराबाद वेटनरी डॉक्टर से जुड़ी फर्जी खबर

हैदराबाद वेटनरी डॉक्टर से जुड़ी फर्जी खबर

वर्ष 2019 में हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ गैंगरेप के उसकी हत्या की खबर सबसे सनसनीखेज खबर रही। इस खबर ने हर किसी का दिल दहला दिया। इस घटना के सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया था, लेकिन सभी आरोपियों की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई। आरोपियों की मौत के बाद सोशल मीडिया पर उनके अंतिम संस्कार की खबरों के कई फेक वीडियो सामने आएं जोकि सच नहीं थे।

जेएनयू की फर्जी तस्वीरें

जेएनयू की फर्जी तस्वीरें

देश का प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान जेएनयू पिछले वर्ष काफी चर्चा का केंद्र रहा। कैंपस के भीतर छात्रों को लेकर कई फर्जी खबरें सामने आई। पूरे वर्ष जेएनयू विवाद का केंद्र बना रहा। कैंपस की छात्राओं के फर्जी तस्वीर जिसमे वह सिगरेट पी रही हैं या फिर अन्य नशा कर रही हैं, इस तरह की फोटोशॉप तस्वीरें लोगों के बीच जमकर साझा की गई।

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English summary
Flashback 2019: Viral storied that were fake news.
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