RajasthanElections2018: सट्टा बाजार में भाजपा की बल्ले-बल्ले
नई दिल्ली। राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान थम गए हैं और शुक्रवार यानि 7 दिसंबर को प्रदेश में मतदान होगा। लेकिन चुनाव के नतीजे आने से पहले ही तमाम तरह की अटकलें लगने लगी है। तमाम एग्जिट पोल के नतीजे भी सामने आने शुरु होंगे, लेकिन सट्टा बाजार जोकि चुनाव प्रचार से पहले कांग्रेस को लेकर काफी उत्साहित था, वह प्रचार खत्म होने के बाद कांग्रेस के पक्ष में नहीं दिख रहा है। राजस्थान में चुनाव की तारीखों की घोषणा के पहले से ही कांग्रेस को मजबूत दावेदार के रूप में देखा जा रहा था और उसे भाजपा के मुकाबले कहीं बेहतर माना जा रहा था, लेकिन चुनाव प्रचार खत्म होने के साथ ही इससे इतर संकेत मिल रहे हैं।

प्रचार थमने के बाद बदला रुख
सट्टा बाजार का बात करें तो कांग्रेस चुनाव की तारीखों की घोषणा के पहले से भाजपा से काफी आगे थी। सट्टा बाजार के अनुसार कांग्रेस को 125-150 सीटें मिलने का अनुमान जताया जा रहा था, इसकी बड़ी वजह मानी जा रही थी लोगों में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लेकर नाराजगी। लेकिन चुनाव प्रचार खत्म होने के साथ ही भाजपा को ना सिर्फ राजस्थान बल्कि कोलकाता और राजकोट सट्टा बाजार में भी बढ़त मिलती दिख रही है। फलौदी सट्टा बाजार ने जो आंकड़ा पेश किया है उसके अनुसार भाजपा को 107-109 सीटें मिल सकती हैं, जबकि कांग्रेस के खाते में 71-73 सीटें जा सकती हैं।

क्या कहते हैं तमाम सट्टा बाजार
वहीं जयपुर सट्टा बाजार की मानें तो यहां भाजपा को पूर्ण रूप से बहुमत मिलता दिख रहा है। जयपुर सट्टा बाजार ने भाजपा को 115-117 सीटें दी है, जबकि कांग्रेस के खाते में सिर्फ 65-68 सीटें आई हैं। जबकि शेखावती सट्टा बाजार ने भाजपा को 103-105 सीटें दी है और कांग्रेस को 54-45 सीटें दी है। राजकोट सट्टा बाजार ने भाजपा को 105-107 सीटें दी है और कांग्रेस को सिर्फ 61-63 सीटें दी है। जयपुर और कोलाकात सट्टा बाजार के आंकड़े एक-दूसरे के काफी करीब हैं। कोलकाता सट्टा बाजार ने भाजपा को 112-114 सीटें दी है जबकि कांग्रेस को 57-59 सीटें दी है।

भाजपा को पूर्ण बहुमत
दिलचस्प बात यह है कि सट्टा बाजार के आंकड़ों में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है। सिर्फ 2-3 सीटों के अंतर पर ही तमाम सट्टा बाजार ने भाजपा और कांग्रेस को सीटें दी है। लेकिन सट्टा बाजार के आंकड़ों की जो सबसे अहम बात है वह यह कि सभी ने भाजपा को पूर्ण बहुमत दिया है। गौरतलब है कि चुनाव के नतीजे 11दिसंबर को घोषित किए जाएंगे। ऐसे में अंतिम फैसला 11 दिसंबर को ही आएगा कि आखिरकार मतदाताओं ने किसपर अपना भरोसा जताया है।
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