तमिलनाडु की राजनीति में हलचल: पिता करुणानिधि ने बेटे अलागिरी को पार्टी से किया बाहर

पार्टी महासचिव के अनबाजगन ने कहा कि अलागिरि पार्टी के अंदर भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं और पार्टी के विरुद्ध काम करने वाले कुछ सदस्यों के खिलाफ की गई अनुशसानात्मक कार्रवाई की आलोचना कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अलागिरि का पार्टी में रहना उचित नहीं है और वह पार्टी के अनुशासन को समाप्त कर देंगे। उन्होंने बताया कि अलागिरि को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है।
अनबाजगन ने कहा कि सदस्यों को पार्टी हित में इस फैसले को स्वीकार करना चाहए और पार्टी के कामकाज के लिए एकजुट रहना चाहिए। डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि (89) के बेटे अलागिरि (62) अपने भाई एमके स्टालिन (60) को पार्टी के शीर्ष पद के लिए चुने जाने के खिलाफ हैं। करुणानिधि के बीचबचाव की कमजोर कोशिशों के बीच डीएमके में अलागिरि और स्टालिन की प्रद्वंद्विता लंबे समय से चल रही है।
डीएमके में स्टालिन के बढ़ते प्रभुत्व के साथ ही देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टियों में से एक में अलागिरि अपने भाई के खिलाफ खुलेआम आलोचना करते रहे हैं, लेकिन करुणानिधि की सीधी आलोचना से बचते रहे हैं। स्टालिन 1996-2001 और 2001-02 के दौरान चेन्नई के मेयर थे और 2009-11 के दौरान राज्य के उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं।
करुणानिधि ने सात जनवरी को अलागिरि और अन्य को चेतावनी जारी कर कहा था कि पार्टी के विरुद्ध काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके तहत संबंधित सदस्यों से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता वापस ली जा सकती है। अलागिरि ने हालिया साक्षात्कार में लोकसभा चुनाव में पार्टी के डीएमडीके के साथ गठबंधन का विरोध किया था। उन्होंने यह विरोध करुणानिधि के गठबंधन का पक्ष लेने के बाद किया था, जिससे नाराज करुणानिधि ने अलागिरि के बयान को अफसोसजनक और निंदनीय करार दिया था।
डीएमके प्रमुख ने कहा कि गठबंधन पर फैसला पार्टी की कार्यकारिणी और महापरिषद व अन्य इकाई ने लिया है। हाल के समय में डीएमके ने मदुरई में अलागिरि के समर्थकों के खिलाफ भी कार्रवाई की थी, जिसे अलागिरी का गढ़ माना जाता है। 1949 में गठित डीएमके तमिलनाडु में 1969 और फिर 1971 में सत्ता में आई। पार्टी 1989 में वापस सत्ता में लौटी और बाद में 1996 और 2006 में भी सत्ता में आई।












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