किसी को हंसाने और रुलाने में माहिर कादर खान की पहली पुण्यतिथि, जानिए उनसे जुड़े 10 रोचक तथ्य
नई दिल्ली। फिल्म जगत में अपनी खास पहचान बनाने वाले दिग्गज कलाकार कादर खान की आज पहली पुण्यतिथि है। कादर खान ने ना सिर्फ अपने शानदार अभिनय का लोहा फिल्म जगत में मनवाया बल्कि तमाम फिल्मों में उन्हें जबरदस्त डॉयलाग भी लिखे, जिसके लिए उन्हें अलग पहचान मिली। उनके हास्य अभिनय को आज भी लोग नहीं भुला सकते हैं। गोविंदा के साथ जिस तरह से उन्होंने तमाम हास्य फिल्मों में अभिनय किया उसके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाता है। आज ही के दिन कादर खान का 31 दिसंबर को 2018 को निधन हुआ था।

1971 में शुरू किया फिल्मी सफर
कादर खान ने 1973 में अपना फिल्मी करियर शुरू किया था। पहली फिल्म दाग में उन्होंने राजेश खन्ना के साथ काम किया था। कादर खान ने 300 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया और तकरीबन 250 फिल्मों में संवाद लेखन का काम किया। उन्होंने धर्मवीर, गंगा जमुना सरस्वती, कुली, परवरिश, अमर अकबर एंथोनी, शराबी, लावारिस, मुकद्दर का सिंकदर जैसी फिल्मों की पटकथा भी लिखी। 90 के दशक में कादर खान, गोविंदा और डेविड धवन की जोड़ी ने राजा बाबू, कुली जैसी शानदार फिल्में दी। अपने जीवन के अंतिम काल में कादर खान कनाडा अपने बेटे के साथ शिफ्ट हो गए थे और जिस तरह से उन्हें इंडस्ट्री ने नजरअंदाज किया उसके खिलाफ खुलकर बोलते रहे। कादर खान की पहली पुण्यतिथि पर आइए जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातें।

कई शानदार फिल्में दी
1-गोविंदा और डेविड धवन के साथ शानदार हास्य फिल्में जैसे आंटी नंबर 1, कुली नंबर 1, हीरो नंबर 1, अनाड़ी नंबर 1, जैसी शानदार फिल्में कादर खान ने दी।
2-अमिताभ बच्चन के करियर को बनाने में कादर खान की खास भूमिका रही है। सलीम जावेद ने जब अलग होने का फैसला लिया तो कादर खान ने ही अमिताभ बच्चन के लिए कई यादगार डॉयलॉग लिखे।

दिलीप कुमार ने दिया न्योता
3-कादर खान ने अमर अकबर एंथोनी, शराबी, लावारिस, सत्ते पे सत्ता, अग्निपथ जैसी फिल्मों का स्क्रीन प्ले लिखा था।
4-कादर खान ने पहली स्क्रिप्ट जवानी दीवानी फिल्म की लिखी, जिसमे जय भादुड़ी और रणधीर कपूर ने अभिनय किया था।
5-कादर खान पर जब दिलीप कुमार का ध्यान गया तो उस वक्त कादर की उम्र 34 वर्ष थी, जब वह एक कॉलेज के वार्षिक समारोह में एक ड्रामे में एक्ट कर रहे थे, जिसके बाद 1971 में दिलीप कुमार ने उन्हें फिल्म में काम करने का न्योता दिया।
6-मनमोहन देसाई व राजेश खन्ना के साथ दो वर्ष काम करने के बाद कादर खान ने रोटी फिल्म की संवाद लिखे और कैरेक्टर आर्टिस्ट के रोल करने शुरू कर दिए।

पद्मश्री मिला
7-कादर खान कई दक्षिण भारत की फिल्मों का हिंदी रीमेक बनाया, जिसमे हिम्मतवाला और जस्टिस चौधरी अहम हैं। इन फिल्मों में कादर खान ने लेखक और अभिनेता दोनों की भूमिका निभाई।
8-मेरी आवाज सुनो फिल्म के डॉयलॉग के लिए कादर खान को फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। अंगार फिल्म के संवाद के लिए भी उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। बाप नंबरी बेटा दस नंबरी फिल्म में सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता के लिए कादर खान को फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।
9-कादर खान की आखिरी दो फिल्में तेवर (2-15)और मस्ती नही सस्ती (2017) थीं।
10-कादर खान को 2019 में मरणोपरांत पद्मश्री का सम्मान दिया गया।












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