भारतीय स्टोरीटेलिंग को मिला ग्लोबल मंच! 18 जून को लंदन में पहले आर्चर अमिश पुरस्कार समारोह का आयोजन
Archer Amish Award for Storytellers: इंडिया ग्लोबल फोरम (IGF) इस हफ्ते IGF लंदन 2025 में पहला आर्चर अमीश पुरस्कार प्रदान करने जा रहा है। यह पुरस्कार दो नामी लेखक, जेफ्री आर्चर और अमीश त्रिपाठी के सहयोग से शुरू किया गया है, और इसे हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा द्वारा समर्थित किया जा रहा है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उन समकालीन भारतीय लेखकों को सम्मानित करता है जो आज के भारत की विविधता, आकांक्षाओं और सांस्कृतिक ऊर्जा को बखूबी दर्शाती हैं। 25,000 डॉलर की इनाम राशि के साथ, यह पुरस्कार फिक्शन की दुनिया के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण सम्मान में से एक माना जाता है। इसका उद्देश्य भारतीय लेखकों की असली आवाज को वैश्विक मंच पर पहुंचाना, प्रामाणिक कहानियों को बढ़ावा देना और भारत व ब्रिटेन के बीच सांस्कृतिक साझेदारी को और मजबूत करना है।
यूके की मंत्री Lisa Nandy रहेंगी मौजूद
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार यूके की संस्कृति, मीडिया और खेल मंत्री Lisa Nandy के द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। समारोह में IGF के अध्यक्ष मनोज लाडवा के साथ-साथ पुरस्कार के सह-संस्थापक जेफ्री आर्चर और अमीश त्रिपाठी भी मौजूद रहेंगे। Lisa Nandy की इस भूमिका से यूके सरकार की भारत के साथ रचनात्मक और सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है, खासकर ऐसे समय में जब यूके-भारत मुक्त व्यापार समझौता (FTA) एक नए और महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर चुका है।

आर्चर अमिश पुरस्कार के लिए शॉर्टलिस्टेड तीन भारतीय लेखक
- नित्या नीलकण्ठन - नवपाषाणम्: द क्वेस्ट फॉर द नाइन मैजिकल पॉइज़न्स
- योगेश पांडेय - द किल स्विच
- डॉ. शालिनी मल्लिक - द वे होम
'भारतीय कहानियों को वैश्विक मंच देना मकसद'
वहीं इस कार्यक्रम को लेकर IGF के संस्थापक और अध्यक्ष मनोज लाडवा ने कहा, 'आर्चर आमीश पुरस्कार हमारी उस मिशन का प्रतिबिंब है, जो भारतीय कहानियों को वैश्विक मंच पर ले जाने और यूके-भारत संबंधों के महत्वपूर्ण समय पर सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देने का काम करता है।'
वहीं ब्रिटिश लेखक जेफ्री आर्चर ने कहा, 'ऐसे पुरस्कार बेहद महत्वपूर्ण हैं। ये उन लोगों को मान्यता देते हैं जिन्होंने कुछ सार्थक रचना में अपना दिल और आत्मा लगाई है।
पश्चिमी नजरिया नहीं, भारतीय दृष्टिकोण चाहिए- अमीश
प्रतिष्ठित भारतीय लेखक और जजिंग पैनल के प्रमुख अमीश त्रिपाठी ने कहा, 'यह पुरस्कार सिर्फ कहानी कहने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असली मकसद है भारतीयों को अपनी कहानियां अपने ही नजरिये से दुनिया के सामने लाने का अवसर देना न कि किसी पश्चिमी चश्मे से देखे गए संस्करण को दोहराना। हमारे दृष्टिकोण में यह बदलाव न केवल ज़रूरी है, बल्कि समय की मांग भी है।'
कार्यक्रम का कहां होगा आयोजन?
आर्चर अमीश पुरस्कार 2025 का भव्य आयोजन 18 जून को लंदन स्थित क्वीन एलिज़ाबेथ II सेंटर में किया जाएगा। यह आयोजन इंडिया ग्लोबल फोरम लंदन 2025 के हिस्से के रूप में होगा, जो यूके और भारत के बीच रचनात्मक साझेदारी को एक नई ऊंचाई देने वाला ऐतिहासिक क्षण साबित होगा।












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