Finance Bill लोकसभा में पारित हुआ, निर्मला सीतारमण बोलीं- नया Income Tax Law सरल और विवाद-मुक्त है
Finance bill passed in Lok Sabha: निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में वित्त विधेयक 2026 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि भारत तेज़ी से आर्थिक सुधारों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ये सुधार किसी बाहरी दबाव का परिणाम नहीं, बल्कि सरकार की स्पष्ट नीति, मजबूत इरादों और दीर्घकालिक दृष्टिकोण का हिस्सा हैं।
नया आयकर कानून होगा सरल और विवाद-मुक्त
लोकसभा में वित्त विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2025 का नया आयकर अधिनियम विवादों को कम करने और अनुपालन को आसान बनाने में मदद करेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार करदाताओं के लिए कर प्रणाली को सरल बना रही है, जिससे न केवल कर प्रक्रिया सहज होगी बल्कि मुकदमों और विवादों में भी कमी आएगी।

सरल और भरोसेमंद टैक्स सिस्टम पर सरकार का फोकस
वित्त मंत्री ने कर प्रणाली को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा हमारा लक्ष्य एक ऐसा टैक्स सिस्टम बनाना है जो पारदर्शी, सरल और करदाताओं के लिए सुविधाजनक हो। उन्होंने बताया कि ईमानदार करदाताओं को कम से कम परेशानियों का सामना करना पड़े, इसके लिए कर प्रशासन में लगातार सुधार किए जा रहे हैं। डिजिटल प्रक्रियाओं और यूज़र-फ्रेंडली सिस्टम से टैक्स फाइलिंग अब पहले से अधिक आसान हो रही है।
17 जीवनरक्षक दवाओं पर बड़ी राहत
वित्त मंत्री ने कहा लोग आरोप लगा रहे हैं कि इस बार के बजट में आम आदमी के लिए क्या है? तो मैं बता दूं आम जनता को राहत देते हुए 17 आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं को बेसिक कस्टम ड्यूटी से पूरी तरह मुक्त कर दी गई है। इस फैसले से दवाओं की कीमतों में बड़ी कमी आई है, जिससे लाखों मरीजों को सीधा लाभ मिल रहा है। यह कदम सरकार की जन-कल्याणकारी नीतियों को और मजबूत करता है।
छोटे करदाताओं के लिए आसान प्रक्रियाएं
वित्त मंत्री ने बताया छोटे करदाताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कम या शून्य टीडीएस सर्टिफिकेट प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाया है। अब इसके लिए एक नियम-आधारित स्वचालित ऑनलाइन प्रणाली लागू की गई है, जिससे समय की बचत होगी और जटिलता कम होगी। यह पहल टैक्स सिस्टम को और अधिक कुशल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
2033 तक देश के हर नागरिक को बीमा सुरक्षा
निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में बताया कि केंद्र सरकार ने 2033 तक देश के हर नागरिक को बीमा सुरक्षा देने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि बीमा क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और एक समावेशी इकोसिस्टम के रूप में उभर रहा है।
तेजी से बढ़ रहा बीमा बाजार और कवरेज
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का स्वास्थ्य बीमा बाजार 1.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिससे लगभग 58 करोड़ लोगों को कवरेज मिला। सार्वजनिक, निजी और स्टैंडअलोन कंपनियों की संतुलित भागीदारी इस सेक्टर की मजबूती को दर्शाती है।
पॉलिसियों से हो रहा लाभ
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण के अनुसार, 2.51 करोड़ व्यक्तिगत पॉलिसियों से 6 करोड़ लोगों को और 13 लाख ग्रुप पॉलिसियों से 27 करोड़ से अधिक लोगों को बीमा सुरक्षा मिली है।
वैश्विक औसत से अभी पीछे भारत
हालांकि वित्त मंत्री ने स्वीकार किया कि बीमा कवरेज अभी भी वैश्विक स्तर से कम है। जहां दुनिया में प्रति व्यक्ति प्रीमियम औसतन 943 डॉलर है, वहीं भारत में यह केवल 97 डॉलर है। इस अंतर को कम करने के लिए सरकार लगातार सुधार कर रही है।
राज्यों के लिए वित्तीय सहयोग पर स्पष्टता
वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार द्वारा वसूले गए सेस और सरचार्ज से प्राप्त राशि से अधिक धन राज्यों की कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च किया जा रहा है। इससे राज्यों को आवश्यक वित्तीय सहायता मिलती है और विकास कार्यों को गति मिलती है।
MSME, किसान और सहकारी क्षेत्र को मजबूती
वित्त विधेयक 2026 में MSME sector, किसानों और सहकारी क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि ये क्षेत्र रोजगार सृजन और उत्पादन की रीढ़ हैं। नए प्रावधानों के माध्यम से इन सेक्टरों के लिए तरलता बढ़ाने, नियमों का बोझ कम करने और आर्थिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया है।












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