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Father's Day 2024 Aaj Hai: आज है फादर्स डे, जानिए इतिहास और इसके बारे में सबकुछ

Father's Day 2024 Aaj Hai: 'मां अगर अस्तित्व है तो पिता जीवन का आधार', इसी बात का अर्थ समझाने के लिए भारत में जून महीने के तीसरे रविवार को 'फादर्स डे' मनाया जाता है।

आपको बता दें कि साल 1907 में अमेरिका में पहली बार इस पावन दिन को मनाया गया था लेकिन इसकी तारीख को लेकर थोड़ा मतभेद भी है और डेट को लेकर अलग-अलग कहानियां सुनने को मिलती हैं।

Father s Day

कुछ लोग कहते हैं कि इस दिन को सबसे पहले सैनिक विलियम जैक्सन स्मार्ट की बेटी सोनोरा स्मार्ट डोडा ने की थी। अपने बचपन में उन्होंने अपनी मां को खो दिया था इसी वजह से उनके पापा ही उनके लिए सबकुछ थे।

सैनिक विलियम ने बेटी के लिए दूसरी शादी नहीं की

उनके पापा चाहते तो दूसरी शादी कर लेते लेकिन उन्होंने अपनी बेटी के लिए दूसरा विवाह नहीं किया। डोडा के दिमाग में एक बात आई कि क्यों ना मैं 'मदर्स डे' की तरह 'फादर्स डे' सेलिब्रेट करूं और इसी वजह से उन्होंने 5 जून का दिन चुना क्योंकि इस दिन उनके पापा का बर्थडे था, इस हिसाब से तो 'फादर्स डे' 5 जून को होना चाहिए।

खनन दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों की याद में मनाया गया 'फादर्स डे'

लेकिन कुछ लोग मानते हैं कि ये दिन पहली बार 5 जुलाई 1908 को अमेरिका के वर्जीनिया में मनाया गया था, ये दिन एक खनन दुर्घटना से संबंधित था क्योंकि इस हादसे में काफी लोगों की मौत हुई थी इसलिए ये 'फादर्स डे' जान गंवाने वाले सभी पिताओं को समर्पित था। वहां ये दिन श्रद्धांजलि के तौर पर मनाया गया था।

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति विल्सन ने दिया था ये आदेश

तो वहीं कुछ इतिहासकार ये भी मानते हैं कि साल 1916 में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति विल्सन ने 'फादर्स डे' मनाने की मंजूरी दी थी।

जून के थर्ड संडे को 'फादर्स डे' मनाया जाने लगा

तो वहीं कुछ लोग ये भी कहते हैं कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति लिंडन बी जॉनसन ने 1966 में जून के थर्ड संडे को 'फादर्स डे' मनाने को कहा था और तब से जून का तीसरा रविवार 'फादर्स डे' को समर्पित हो गया।

अलग-अलग देशों में अलग-अलग दिन सेलिब्रेट किया जाता है 'फादर्स डे'

हालांकि स्पेन, क्रोएशिया, इटली में ये दिन 19 मार्च को सेलिब्रेट किया जाता है। खैर पिता कभी अपनी भावनाओं को व्यक्त नहीं करते हैं, वो मां की तरह कभी भी बच्चों को दुलराते नहीं हैं लेकिन पिता वो वटवृक्ष है, जिसकी छाया में, हर बच्चा पूरी तरह से सुरक्षित होता है, पापा आस-पास होते हैं तो कोई भय इंसान को छू भी नहीं पाता है।

गजल गायक आलोक श्रीवास्तव ने लिखी दिल छू लेने वाली कविता

पिता की अहमियत इंसान की लाइफ में क्या है? इसका बहुत ही खूबसूरत वर्णन मशहूर कवि और गजल गायक आलोक श्रीवास्तव ने किया है। नीचे पढ़ें उनकी लिखी कविता।

फादर्स डे पर कविता ( Poem on Fathers Day)

  • धड़कते सांस लेते रुकते चलते मैंने देखा है
  • कोई तो है जिसे अपने में पलते मैंने देखा है
  • तुम्हारे ख़ून से मेरी रगों में ख़्वाब रौशन है
  • तुम्हारी आदतों में ख़ुद को ढलते मैंने देखा है
  • न जाने कौन है जो ख़्वाब में आवाज़ देता है
  • ख़ुद अपने-आप को नींदों में चलते मैंने देखा है
  • मेरी ख़ामोशियों में तैरती हैं तेरी आवाज़ें
  • तिरे सीने में अपना दिल मचलते मैंने देखा है
  • बदल जाएगा सब कुछ बादलों से धूप चटख़ेगी
  • बुझी आँखों में कोई ख़्वाब जलते मैंने देखा है
  • मुझे मालूम है उन की दुआएँ साथ चलती हैं
  • सफ़र की मुश्किलों को हाथ मलते मैंने देखा है

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