सदन में आखिरी दिन रो पड़े 'फादर ऑफ द हाउस' लालकृष्ण आडवाणी

दरअसल 15वीं लोकसभा के आखिरी दिन समापन भाषण के दौरान लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने आडवाणी की खूब तारिफ की। सुषमा के अलावा मुलायम ने आडवाणी की तारीफ की तो सीपीएम नेता बासुदेव आचार्य ने भी उन्हें फादर ऑफ हाउस कहा। विरोधी होने के बावजूद कांग्रेस नेता सुशील कुमार शिंदे ने भी आडवाणी की तारिफ की।
गौरतलब है कि आडवाणी संसद के वरिष्ठ सदस्यों में से हैं। वो पहली बार 1971 में पहली बार सासंद बने। अपने व्यक्तित्व के कारण आडवाणी ने जटिल मुद्दों सुलझाने में अपनी समझ दिखाई। सदन के आखिरी दिन जैसे ही सीपीएम नेता बासुदेव आचार्य ने उन्हें फादर ऑफ हाउस कहा, आडवाणी भावुक हो गए। उनकी आंखे झलक उठी। संसद में लालकृष्ण आडवाणी के इस क्षण को लोगों ने भी सराहा। वहीं बीजेपी नेताओं ने विरोधी नेताओं द्वारा आडवाणी की तारिफ पर उनका धन्यवाद किया।












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