J&K: अनुच्छेद 370 निरस्त होने के बाद पहली बार हुई नेशनल कॉन्फ्रेंस की बैठक, फारूक अब्दुल्ला केंद्र पर बोला हमला
अनुच्छेद 370 निरस्त होने के बाद पहली बार हुई नेशनल कॉन्फ्रेंस की बैठक, फारूक अब्दुल्ला केंद्र पर बोला हमला
नई दिल्ली। कोरोना वायरस संकट के बीच जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के घर पर आज विभिन्न दलों के नेताओं की एक अहम बैठक हुई। इस मीटिंग में पूर्व सीएम ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला ने कहा, 'लोग आज सबसे दयनीय स्थिति में हैं। व्यवसाय शून्य हैं, पर्यटन शून्य है। हर जगह पीड़ा है।' बता दें कि घाटी की वर्तमान स्थिति पर एनसी अध्यक्ष और सांसद फारूक अब्दुल्ला ने पार्टी नेताओं से सिलसिलेवार बैठकें करने का फैसला किया है। आज यानी गुरुवार को फारूक अब्दुल्ला की अध्यक्षता में पहली बैठक हुई।

मालूम हो की जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद यह पहला मौका है जब नेशनल कांफ्रेस की बैठक बुलाई गई थी। प्रदेश प्रशासन द्वारा उच्च न्यायालय में किसी भी नेता को हिरासत या नजरबंद रखे जाने से इन्कार को आधार बनाते हुए नेशनल कांफ्रेंस की बैठकों का दौर शुरू हो गया है। जानकारी के मुताबिक फिलहाल सिर्फ उन्हीं नेताओ के साथ बैठक होगी जिन्हें नजरबंदी और हिरासत की बात से प्रशासन ने इनकार किया है।
कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए बैठक में कुछ नेताओं को ही बुलाया गया था। इस बीच कई नेताओं के मुंह पर मास्क दिखा तो कई बिना मास्क के ही नजर आए। बता दें कि इससे पहले जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने 1990 के दशक की शुरुआत में घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन मामले की सुप्रीम कोर्ट के रिटायर न्यायाधीशों द्वारा जांच करवाने की मांग की थी। एक वेबिनार के दौरान सवालों के जवाब देते हुए उन्होंने कहा था कि उन्हें यह हमेशा दृढ़ विश्वास रहा है कि कश्मीरी पंडितों के बिना कश्मीर अधूरा है। अब्दुल्ला ने आगे कहा कि वह कश्मीरी पंडितों को वापस लाने के लिए किसी भी प्रकिया का समर्थन करेंगे।
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