Farmers Protest: किसानों के समर्थन में 16 टन पाइनएप्पल से भरा ट्रक दिल्ली भेजा
Farmers Protest: किसानों के समर्थन में 16 टन पाइनएप्पल से भरा ट्रक दिल्ली भेजा
Farmers Protest News: केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। अपना विरोध दर्ज कराने के लिए किसान दिल्ली के बॉर्डर पर बीते एक महीने से जमा हैं। बॉर्डर पर धरना दे रहे इन किसानों के प्रति अपना समर्थन जताते हुए केरल के किसानों ने 16 टन अनानास भेजा है। अनानास से भरा एक बड़ा ट्रक केरल से दिल्ली से लिए रवाना हो चुका है, जो आज शाम (सोमवार) यहां पहुंच जाएगा।

कृषि मंत्री ने हरी झंडी दिखा रवाना किया ट्रक
दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के प्रति एकजुटता के लिए केरल के पाइनएप्पल फार्मर्स एसोसिएशन ने ये 16 टन अनानास भेजे हैं। संगठन के नेता जेम्स थोट्टूमेरील ने बताया कि केरल के कृषिमंत्री वीएस सुनील कुमार ने वाजाकुलम से गुरुवार रात अनानास से भरे इस ट्रक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। थोट्टूमेरील ने कहा कि पाइनएप्पल सिटी के नाम से मशहूर वाजाकुलम और केरल की ओर से ये अपने किसान भाईयों के साथ एकजुटता दर्शाने की हमारी एक कोशिश है। उन्होंने बताया कि दिल्ली गुरुद्वारा के हरभजन सिंह, केरल के सांसद डीन कुरियाकोस और किसान नेता मिलकर इनको किसानों के बीच बांटने के लिए तालमेल करेंगे।
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पंजाब, हरियाणा से भी लगातार आ रहा राशन
दिल्ली के बाहर बॉर्डरों पर धरना दे रहे किसानों को खाने पीने की समस्या ना हो, इसके लिए देशभर से किसान और सामाजिक संगठन राशन भेज रहे हैं। खासतौर से हरियाणा और पंजाब से राशन आ रहा है। बता दें कि केंद्र सरकार इस साल तीन नए कृषि कानून लेकर आई है, जिनमें सरकारी मंडियों के बाहर खरीद, अनुबंध खेती को मंजूरी देने और कई अनाजों और दालों की भंडार सीमा खत्म करने जैसे प्रावधान किए गए हैं। इसको लेकर किसान जून के महीने से लगातार आंदोलनरत हैं और इन कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। किसानों को कहना है कि ये कानून मंडी सिस्टम और पूरी खेती को प्राइवेट हथों में सौंप देंगे, जिससे किसान को भारी नुकसान उठाना होगा।

छह महीने से किसान कर रहे प्रदर्शन
केंद्र सरकार की ओर से लाए गए तीन नए कानूनों के खिलाफ बीते छह महीने से किसान आंदोलन कर रहे हैं। ये आंदोलन जून से नवंबर तक मुख्य रूप से हरियाणा और पंजाब में हो रहा था। सरकार की ओर से प्रदर्शन पर ध्यान ना देने पर 26 नवंबर को किसानों ने दिल्ली की और कूच करने का ऐलान कर दिया। इसके बाद बीते 32 दिन से किसान दिल्ली और हरियाणा को जोड़ने वाले सिंधु बॉर्डर पर धरना दे रहे हैं। टिकरी, गाजीपुर और दिल्ली के दूसरे बॉर्डर पर भी किसान जमा हैं। दिल्ली में किसानों के आने के बाद सरकार और किसान नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। हालांकि अभी तक कोई नतीजा निकलता बातचीत से नहीं निकला है। किसानों इन कानूनों को खेती के खिलाफ कह रहे हैं और तीनों कानूनों को वापस नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं। वहीं सरकार का कहना है कि किसानों को विपक्ष ने भ्रम में डाला है, ये कानून उनके फायदे के लिए हैं।












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