कृषि कानून के संसद में निरस्त होने तक आंदोलन रहेगा जारी, 27 को अगली चर्चा: बैठक के बाद किसान नेता ने क्या कहा
कृषि कानून के संसद में निरस्त होने तक आंदोलन रहेगा जारी, 27 नवंबर को अगली चर्चा: बैठक के बाद किसान नेता ने क्या-क्या कहा
नई दिल्ली, 21 नवंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा के बाद किसान आंदोलन की भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा करने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की रविवार (21 नवंबर) को बैठक हुई। ये बैठक दिल्ली के सिंघू सीमा पर संपन्न हुई। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा, ''हमने बैठक में तय किया है कि जो कार्यक्रम संयुक्त किसान मोर्चा ने पहले तय किए थे वे आगे भी जारी रहेंगे। 27 तारीख को फिर से संयुक्त किसान मोर्चा की मीटिंग होगी। जो मांगे बाकी रह गई है उसके बारे में प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) को पत्र लिखा जाएगा।'' किसान नेताओं ने साफ कर दिया है कि तीन कृषि कानून जब तक अधिकारिक तौर पर संसद में निरस्त नहीं हो जाता, तब तक उनका किसान आंदोलन जारी रहेगा।

हम मंत्री अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त करने के लिए भी PM को पत्र लिखेंगे: किसान नेता
किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा, ''हम पीएम मोदी को ओपन लेटर लिखेंगे। इसमें लंबित मांगों का उल्लेख किया जाएगा, जो हैं, एमएसपी समिति, उसके अधिकार, उसकी समय सीमा, उसके कर्तव्य, वहीं विद्युत विधेयक 2020, मामलों की वापसी की भी मांग की जाएगी। हम लखमीपुर खीरी को लेकर मंत्री (अजय मिश्रा टेनी) को बर्खास्त करने के लिए भी पीएम को पत्र लिखेंगे''
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घर वापसी नहीं करेंगे किसान नेता, कहा- 29 को संसद तक मार्च होना तय
किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने तीन कृषि कानूनों के निरस्त होने की घोषणा पर कहा, ''यह एक अच्छा कदम था, हम इसका स्वागत करते हैं। लेकिन अभी भी बहुत कुछ बाकी है।'' रविवार को हुए बैठक के बारे में बोलते हुए बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा, ''हमने कृषि कानूनों को निरस्त करने पर चर्चा की। इसके बाद कुछ निर्णय लिए गए। एसकेएम के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम यथावत जारी रहेंगे। 22 को लखनऊ में किसान पंचायत, 26 को सभी सीमाओं पर सभा और 29 को संसद तक मार्च। ये सब कार्यक्रम वैसे ही जारी रहेंगे।''

27 नवंबर को फिर से होगी किसान संगठनों की बैठक
सिंघू सीमा पर किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा, ''आगे के घटनाक्रम पर निर्णय के लिए 27 नवंबर को एसकेएम की एक और बैठक होगी। तब तक की स्थिति के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।''
किसानों ने किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के लिए मुआवजे और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की भी मांग की। किसान पिछले एक साल से दिल्ली की सीमाओं पर तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं।












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