Farmers Protest: पंजाब के किसानों पर कार्रवाई में कांग्रेस को क्यों दिख रहा मौका, INDIA का क्या होगा?
Farmers Protest Punjab: पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार की ओर से किसानों के खिलाफ की गई कार्रवाई ने न केवल राज्य में राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है, बल्कि कांग्रेस को इसमें अभी से अपने लिए 2027 का विधानसभा चुनाव जीतने की संभावनाएं दिखने लगी हैं। लेकिन, यह भी उतना ही सच है कि इस घटना ने विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक (INDIA) में दरारें भी और गहरी कर दी हैं।
पंजाब पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारी किसानों को हरियाणा-पंजाब बॉर्डर से जिस तरह से जबरन हटाया गया है और कई किसान नेताओं को हिरासत में भी लिया गया है, उससे पंजाब की आम आदमी सरकार विपक्षी दलों के निशाने पर है। इनमें जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवन सिंह पंधेर जैसे प्रमुख किसान नेता भी शामिल हैं। इस कार्रवाई ने कांग्रेस को आप पर सीधा हमले का मौका दे दिया है। हालांकि,वह इसमें भी भाजपा पर अटैक करने का अवसर खोज रही है।

Farmers Protest: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने खोला AAP के खिलाफ मोर्चा, बीजेपी को भी लपेटने की कोशिश
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे किसानों के खिलाफ षड्यंत्र करार दिया और आप को भाजपा के साथ मिला हुआ बताते हुए दोनों पार्टियों को 'किसान विरोधी' करार दिया है।
एक्स पर लिखे एक पोस्ट में उन्होंने लखीमपुर खीरी, मंदसौर और दिल्ली में हुए किसान आंदोलनों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया है कि बीजेपी और आप दोनों ने किसानों को धोखा दिया है। यही नहीं, कांग्रेस के पंजाब से सांसदों ने भी गुरुवार को संसद परिसर में प्रदर्शन कर राज्य की भगवंत मान सरकार को किसान विरोधी बताया है।
Punjab Farmers Protest: AAP-कांग्रेस के संबंधों में जितनी गहरी हुई दरार, BJP की आई बहार
आप और कांग्रेस के बीच रिश्ते पिछले साल हरियाणा विधानसभा चुनाव के समय से ही तनावपूर्ण रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान दोनों पार्टियों ने दिल्ली,हरियाणा और गुजरात में सीटों का बंटवारा कर किसी तरह तालमेल बिठाया था, लेकिन बाद में संबंधों में कड़वाहट बढ़ती चली गई।
हरियाणा विधानसभा चुनाव (अक्टूबर 2024) में कांग्रेस ने आप के साथ गठबंधन नहीं किया, जिसके चलते दोनों पार्टियों को नुकसान हुआ और भाजपा ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की।
फरवरी 2025 में दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान तो आप और कांग्रेस के बीच खुलेआम चुनावी जंग छिड़ी। कांग्रेस के राहुल गांधी ने आम आदमी पार्टी के खिलाफ भ्रष्टाचार और 'शीश महल' घोटाले के मुद्दे उठाए, वहीं आप ने कांग्रेस को 'गैर-भरोसेमंद पार्टी' करार दिया। इस आपसी लड़ाई का फायदा भाजपा को मिला, जो 27 साल बाद दिल्ली की सत्ता में वापस आ गई।
Farmers Protest Politics: कांग्रेस को दिखने लगा 2027 में पंजाब जीतने का मौका
खड़गे की प्रतिक्रिया से लग रहा है कि आप की पंजाब सरकार के खिलाफ बढ़ती कथित नाराजगी को कांग्रेस अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश कर रही है। पंजाब में भाजपा फिलहाल एक कमजोर खिलाड़ी है और शिरोमणि अकाली दल (SAD) का भी जनाधार गिरा हुआ है। ऐसे में कांग्रेस को उम्मीद है कि किसान आंदोलन की सहानुभूति और आप सरकार के खिलाफ कथित रूप से बढ़ते असंतोष के सहारे वह 2027 का चुनाव जीत सकती है।
पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा दिल्ली चुनाव के फौरन बाद ही दावा कर चुके हैं कि आप के 32 विधायक उनके संपर्क में हैं और पार्टी छोड़ने को तैयार हैं। हालांकि, आप ने इन दावों को खारिज किया है। कांग्रेस महासचिव और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाल ही में पंजाब कांग्रेस नेताओं से बैठक के बाद कहा था कि 'आप सरकार डूबता जहाज है।'
Farmers Protest: INDIA ब्लॉक की एकता को लेकर और गहराया सवाल
आप और कांग्रेस के बीच बढ़ती दूरियों से विपक्षी गठबंधन इंडिया की एकता भी खतरे में है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आप नेता आतिशी ने हाल ही में घोषणा की थी कि 2027 के गोवा विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेगी।
हम यह भी देख चुके हैं कि दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान सपा, तृणमूल और यहां तक कि शिवसेना (यूबीटी) तक जैसी पार्टियों ने आम आदमी पार्टी का साथ दिया था और कांग्रेस से दूरी बनाई रही थी। पंजाब में किसानों के खिलाफ हुई कार्रवाई में भी आप के खिलाफ कांग्रेस और बीजेपी ने ही मोर्चा खोला हुआ है, अन्य दल अरविंद केजरीवाल की पार्टी पर सीधे हमले से बच रहे हैं।
उधर बिहार में भी कांग्रेस लगातार ऐसे फैसले ले रही है, जो एक तरह से उसकी बड़ी सहयोगी और लालू यादव की पार्टी आरजेडी के लिए चुनौती की तरह लग रही है। ऐसे में सवाल है कि इंडिया ब्लॉक का आने वाला भविष्य क्या होने वाला है?












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