Farmers Protest: किसानों ने कमेटी की निष्पक्षता पर उठाए सवाल, सुप्रीम कोर्ट से पुनर्गठन की मांग
Farmers Protest Latest News: हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने तीनों नए कानूनों पर अस्थायी तौर पर रोक लगा दी थी। साथ ही किसानों और सरकार की बात सुनने के लिए एक कमेटी का गठन किया था। अब किसान इस कमेटी के विरोध में उतर आए हैं। साथ ही सुप्रीम कोर्ट से कमेटी के पुनर्गठन की मांग की है। किसान संगठनों ने इस कमेटी के तीन सदस्यों की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए हैं।

Recommended Video
सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका में भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) ने कहा कि जो कमेटी सर्वोच्च अदालत ने बनाई थी, जिसके एक सदस्य भूपिंदर सिंह मान खुद ही बाहर हो गए, जबकि तीन अन्य अशोक गुलाटी, प्रमोद कुमार जोशी और अनिल घनघट पहले से ही नए कृषि कानूनों का समर्थन कर चुके हैं। ऐसे में कैसे ये तीनों सदस्य बिना किसी पूर्वाग्रह के रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा सरकार ने भी किसानों से पर्याप्त चर्चा के बिना ही इस कानून को पारित कर दिया था।
किसान संगठन ने अनुरोध किया कि पूरी तरह से निष्पक्ष व्यक्तियों को इस पैनल में जगह दी जाए। जिसमें राजनीतिक दलों का समर्थन करने वाले लोग ना हों, बल्कि सुप्रीम कोर्ट या अन्य किसी अदालत के रिटायर जज हों। वहीं सरकार ने कोर्ट को बताया कि किसान संगठन गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली निकालने की योजना बना रहे हैं। जिस पर किसानों संगठन के वकील ने कहा कि इस मामले में केंद्र का आवेदन कोर्ट के समय की बर्बादी है। जब दिल्ली में पहले से ही धारा 144 लागू है और चार से ज्यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकते। तो कैसे वहां पर ट्रैक्टर रैली निकलेगी। उन्होंने साफ किया कि वो लोकतंत्र और गणतंत्र दिवस का पूरी तरह से सम्मान करते हैं।
किसान सभा ने कही ये बात?
वहीं अखिल भारतीय किसान सभा ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा कि आंदोलन को करीब दो महीने हो गए हैं। ठंड का मौसम है, जहां कई किसानों की मौत हो चुकी है, जबकि कई बीमार पड़ गए हैं। सरकार हमें तारीख पर तारीख दे रही है। साथ ही चीजों को खींच रही है, ताकी हम थक जाएं और जगह छोड़ दें।












Click it and Unblock the Notifications