Farmer Protest: गिरफ्तार और लापता किसानों की मदद के लिए सिंघु बॉर्डर पर लीगल सेल तैनात, जानिए कैसे हो रहा काम
नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार और किसानों के बीच गतिरोध बदस्तूर जारी है। आज 72वां दिन है और किसान अभी भी अपनी मांगों को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर धरना पर बैठे हैं। किसानों का सिर्फ इतना ही कहना है कि सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस ले। इसे लेकर गणतंत्र दिवस पर किसानों ने ट्रैक्टर परेड भी निकाला था जिसमें हिंसा हुई। इस हिंसा की घटनाओं को लेकर पुलिस लगातार आरोपियों की धर पकड़ कर रही है। कुछ दिनों पहले एक पत्रकार सहित कई लोग सिंघु बॉर्डर से हिरासत में लिए गए थे। पुलिस की इन कार्रवाई में किसानों की मदद के लिए अब पंजाब के युवा वकीलों ने मोर्चा खोल दिया है।
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आंदोलनरत किसानों में से गिरफ्तार किए गए किसानों और जो लापता हुए किसान हैं उनके केस हैंडल करने के लिए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पांच वकीलों, जिनकी उम्र 24 से 34 के बीच है, सामने आए हैं। उन्हें सिंघू बॉर्डर पर मुख्य मंच में तैनात कर दिया गया है, ताकि वो प्रदर्शनकारियों तक आसानी से पहुंच सकें। दूसरी तरफ पंजाब सरकार के अफसरों की एक टीम किसान आंदोलन खत्म कराने के लिए दिल्ली में ही जम गई है। बताया गया है कि यह अफसर लगातार किसान संगठनों और केंद्र सरकार के साथ संपर्क में हैं, ताकि आंदोलन को जल्द से जल्द खत्म कराया जा सके।
एक वकील ने बताया कि हमारी 150 वकीलों की एक टीम है जो हर प्रदर्शन स्थल पर मौजूद किसानों से संपर्क में है। वर्तमान में हम 181 लोगों के लिए काम कर रहे हैं। इनमें से 128 को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी के लापता होने की आशंका है। गिरफ्तार लोगों के लिए, हम उनकी जमानत और उनसे मुलकात पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। बताया गया है कि इस टीम ने किसान एकता मोर्चा के सोशल मीडिया हैंडल और स्थानीय न्यूज चैनलों के जरिए अपने हेल्पलाइन नंबर का भी प्रचार किया है। हालांकि, बीते कुछ दिनों में प्रदर्शनस्थलों के आसपास इंटरनेट सेवाएं बंद होने की वजह से टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक कि उन्हें ऑनलाइन एफआईआर हासिल करने में भी परेशानी आ रही है।












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