मोदी सरकार के खिलाफ कानूनी लड़ाई में विपक्ष की पहली पसंद अभिषेक मनु सिंघवी, कितनी हैं इनकी एक सुनवाई की फीस?
Abhishek Manu Singhvi: भारत सरकार बनाम विपक्ष की कानूनी लड़ाई अलग-अलग रंगों में मगर ज्यादातर एक सामान्य विशेषता के साथ देखने को मिलती रही है। कानूनी मामलों में विपक्षी दलों और उनके नेताओं की पहली पसंद वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी होते हैं।
सिंघवी कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता और पूर्व सांसद भी हैं। उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, एनसीपी नेता शरद पवार, ममता बनर्जी की सरकार और टीएमसी नेताओं के कई मामलों का सुप्रीम कोर्ट में प्रतिनिधित्व किया है।
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सिंघवी ही वो वकील थे जिन्होंने केजरीवाल को अंतरिम जमानत दिलाने में सफलता हासिल की। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की पीठ को आश्वस्त किया कि केजरीवाल का मामला अंतरिम राहत के लिए उपयुक्त मामला है। दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल की अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया था। आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रचारक केजरीवाल के पास समय की कमी थी ऐसे में सिंघवी ने उनकी जमानत की नैया पार लगवाई थी। बता दें, दिल्ली में छट्ठे चरण के दौरान 25 मई को मतदान होना है।
कौन हैं अभिषेक मनु सिंघवी?
24 फरवरी, 1959 को राजस्थान के जोधपुर में जन्मे अभिषेक सिंघवी का शैक्षणिक रिकॉर्ड शानदार रहा है। दिल्ली के सेंट कोलंबा से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, सिंघवी ने प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक की उपाधि प्राप्त की।
ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज से उन्होंने अपनी पीएच.डी. अर्जित की और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पब्लिक इंटरनेशनल लॉ (पीआईएल) में कोर्स किया। कांग्रेस प्रवक्ता के रूप में कार्य करने के अलावा, वह यूपीए के दूसरे शासन काल के दौरान कानून और न्याय पर संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष थे। उन्होंने भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) के रूप में भी कार्य किया है।
हालांकि, उनका करियर विवादों से अछूता नहीं रहा है। 2012 में, सिंघवी ने सेक्स सीडी विवाद के बाद कांग्रेस प्रवक्ता के पद से इस्तीफा दे दिया और संसदीय पैनल छोड़ दिया। सबरीमाला मामले से लेकर (जहां उन्होंने महिलाओं के मंदिर में पूजा करने के अधिकार के खिलाफ तर्क दिया था) 'मोदी उपनाम' मामले तक (जहां सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की सजा को रोक दिया) सिंघवी कई महत्वपूर्ण कानूनी मामलों में आगे रहे हैं। उन्होंने नेशनल हेराल्ड-यंग इंडियन मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी को भी जमानत दिलाई थी।
विपक्ष की पहली पसंद, मशहूर वकील अभिषेक मनु सिंघवी लेते हैं कितनी फी?
विपक्षी दलों और उसके नेताओं की कानूनी मामलों में पहली पसंद रहे सिंघवी एक सुनवाई के लिए लाखों रुपए चार्ज करते हैं। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार यह हाई-प्रोफाइल वकील एक सुनवाई और पेशी के लिए लगभग 20.5 लाख रुपए लेते हैं।
चर्चाओं में क्यों हैं अभिषेक मनु सिंघवी?
अभिषेक मनु सिंघवी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। आम आदमी के संयोजक केजरीवाल दिल्ली के कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में जेल में थे।
वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने ट्रायल कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में सीएम केजरीवाल की पैरवी की। शीर्ष अदालत में अभिषेक सिंघवी की जोरदार दलीलों के चलते ही स्पेशल बेंच ने सीएम अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत देते हुए उन्हें अंतरिम जमानत दी है, ताकि वह चुनाव प्रचार अभियान में शामिल हो सकें।
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