Exit Poll: कब, कहां, कैसे, क्यों? एग्जिट पोल से जुड़े इन 10 सवालों का जवाब आपको भी जानना चाहिए?
Exit Poll 2024: दुनिया के सबसे लोकतंत्र भारत में आम चुनाव के लिए सांतवें चरण में एक जून को मतदान किए जाएंगे। मतदान खत्म होते ही सबकी नजरे शाम को आने वाली एग्जिट पोल पर होगी। 04 जून का रिजल्ट आएंगे।
लोकसभा चुनाव 2024 के एग्जिट पोल के आंकड़े क्या कहते हैं, इसका पता आपको एक जून की शाम को चलेगा। लेकिन इससे पहले हम आपको एग्जिट पोल्स से जुड़े कुछ ऐसे सवालों के जवाब बता रहे हैं, जो राजनीति में दिलचस्पी रखने वालों को जानने चाहिए।

एग्जिट पोल के बारे में जानने से पहले, ये जान लेते हैं कि आखिर एग्जिट पोल है क्या? एग्जिट का अर्थ होता है...'बाहर निकलना'। जब वोटर मतदान देकर पोलिंग बूथ से बाहर निकलता है तो, उससे पूछा जाता है कि क्या आप बताना चाहेंगे कि आपने किस पार्टी\किस उम्मीदवार को वोट दिया है। फिर वो जो जवाब देते हैं, उसी आधार पर एग्जिट पोल का डेटा निकाला जाता है।
एग्जिट पोल कराने वाली एजेंसियां अपने लोगों को वोटिंग वाले दिए पोलिंग बूथ के बाहर खड़ा कर देती है और वो मतदान देकर बाहर निकलने वाले वोटरों से सवाल पूछते हैं।
Exit Poll 2024: एग्जिट पोल से जुड़े इन 10 सवालों का जवाब जानिए?
1. पहला एग्जिट पोल कब आया?
एग्जिट पोल की शुरुआत सबसे पहले संयुक्त राज्य अमेरिका में हुई थी। साल 1936 में सबसे पहले अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में जॉर्ज गैलप और क्लॉड रोबिंसन ने चुनावी सर्वे किया था। इसी वक्त सबसे पहली बार वोटर से पूछा गया था कि, उन्होंने किसे राष्ट्रपति पद के लिए वोट दिया है।
2. भारत में चुनावी सर्वे की शुरुआत कब हुई?
भारत में पहली बार चुनावी सर्वे साल 1957 में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ पब्लिक ओपिनियन की ओर से किया गया था। इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ पब्लिक ओपिनियन के मुखिया एरिक डी कॉस्टा ने किया था। हालांकि उस वक्त इसे एग्जिट पोल का नाम नहीं दिया गया था।
3. भारत में पहला एग्जिट पोल कब किय गया?
भारत में पहली बार एग्जिट पोल साल 1980 और 1984 में डॉक्टर प्रणय रॉय की अगुवाई में किया गया था। हालांकि अधिकारिक तौर पर साल 1996 में भारत में एग्जिट पोल की शुरुआत सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज (सीएसडीएस) ने की थी। उस वक्त पत्रकार नलिनी सिंह ने दूरदर्शन के लिए एग्जिट पोल कराया था। इसके लिए डेटा सीएसडीएस ने जुटाए थे।
एग्जिट पोल सबसे पहले भारत में किस चैनल पर प्रसारित किया गया था?
एग्जिट पोल में भारत में सबसे पहले दूरदर्शन पर प्रसारित किया गया था। इसे पत्रकार नलिनी सिंह ने पेश किया था। नलिनी सिंह ने इसका आंकड़ा सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज (सीएसडीएस) से लिया था।
4. भारत के पहले एग्जिट पोल के आंकड़े कितने सटीक थे?
पत्रकार नलिनी सिंह ने दूरदर्शन पर जो एग्जिट पोल कराए थे, उसमें बताया गया था कि भाजपा लोकसभा चुनाव जीतेगी। चुनावी नतीजों में ऐसा ही हुआ था। इसी के बाद से देश में एग्जिट पोल का चलन बढ़ने लगा। साल 1998 में किसी निजी न्यूज चैनल ने पहली बार टीवी पर एग्जिट पोल प्रसारित किया था।
5. एग्जिट पोल कितने देशों में कराया जाता है?
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका, ब्रिटेन, दक्षिण एशिया, यूरोप और दक्षिण पूर्व एशिया समेत दुनिया भर लगभग सभी लोकतांत्रिक देशों में एग्जिट पोल कराए जाते हैं।
6. भारत में कौन-कौन सी प्रमुख एजेंसियां एग्जिट पोल करती हैं?
भारत में एक्सिस माई इंडिया, सी-वोटर, सीएनएक्स, चाणाक्य, टाइम्स नॉउ वीएमआर समेत भारत की कुछ प्रमुख एजेंसिया हैं, जो एग्जिट पोल कराती हैं।
7. एग्जिट पोल के नियम-कानून क्या हैं?
भारत में रिप्रेजेन्टेशन ऑफ द पीपल्स एक्ट, 1951 के सेक्शन 126A के तहत एग्जिट पोल को नियंत्रित किया जाता है। भारत निर्वाचन आयोग ने भी एग्जिट पोल को लेकर कुछ नियम बनाए हैं।
चुनाव आयोग के मुताबिक, चुनावी प्रक्रिया शुरू होने से लेकर आखिरी चरण के मतदान के समापन तक, एग्जिट पोल को प्रसारित नहीं किया जा सकता है।
8. एग्जिट पोल के सैंपल अनुमानित संख्या कितनी होनी चाहिए?
देश में 1957 में एग्जिट पोल की शुरुआत के बाद से कम से कम एक पहलू में बहुत सुधार हुआ है, वह है सैंपल साइज। वे दिन चले गए जब 20,000 से 30,000 लोगों के जवाबों के आधार पर एग्जिट पोल तैयार किए जाते थे। आज हमारे पास 10 लाख तक के सैंपल के साथ एग्जिट पोल करने वाली सर्वेक्षण एजेंसियां हैं। कुछ लाख सैंपल के एग्जिट पोल आज बहुत आम हो गए हैं।
9. एग्जिट पोल और ओपिनियन पोल में क्या अंतर है?
साफ शब्दों में कहे तो एग्जिट पोल और ओपिनियन पोल में सबसे बड़ा अंतर ये है कि ओपिनियन पोल चुनाव से पहले कराए जाते हैं। वहीं एग्जिट पोल वोटिंग के बाद कराए जाते हैं। ओपिनियन पोल में ये पूछा जाता है कि वो किसे वोट देंगे और एग्जिट पोल में वोटिंग के बाद ये जानने की कोशिश की जाती है कि, किसे वोट दिया गया है।
10. एग्जिट पोल के नतीजे मतदान के बाद ही क्यों आते हैं?
एग्जिट पोल के नतीजे चुनाव खत्म होने के बाद इसलिए आते हैं ताकि वोटरों को प्रभावित नहीं किया जा सके। वहीं आखिरी चरण के वोटिंग के बाद फाइनल आंकड़े मिलते हैं। जिसमें समय लगता है। इसके बाद, इस डेटा को तैयार किया जाता है।












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