Exclusive: वरुण क्या प्रियंका भी जानें क्या कह रहे हैं अमेरिकी रिसर्चर उनके बारे में
नई दिल्ली। मंगलवार को वरुण गांधी ने अपनी बहन प्रियंका को जवाब देते हुए एक ऐसी बात जो शायद राजनीति में सच साबित होती है। वरुण ने सुल्तानपुर में अपना नामांकन दाखिल करते हुए कहा, 'व्यक्तिगत हमलों की बजाय अगर राजनीति के स्तर को ऊंचा करने की बात की जाए तो ज्यादा बेहतर होगा।'
वरुण राजनीति में पर्सनल अटैक या फिर व्यक्तिगत हमलों को बंद करने की बात करते हैं लेकिन यह भी हकीकत है कि व्यक्तिगत हमलों को रोकना फिलहाल किसी के बस की बात नहीं है।
विरोधियों से कुछ अलग करने की चाह
यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास में पॉलिटिकल साइंस के प्रोफेसर और अमेरिका के मशहूर राजनीतिक विशेषज्ञ एलेन सैक्से की मानें तो ऐसे हमले आगे आने वाले समय में और बढ़ेंगे। ऐसे में इन्हें रोकना या इनके बंद होने की उम्मीद करना एकदम बेईमानी बात है। एलन ने यह बात वनइंडिया हिंदी की ओर से भेजे गए एक ई-मेल के जवाब में कही।
एलन की मानें तो व्यक्तिगत हमले कहीं न कहीं एक राजनेता की पहचान बन चुके हैं। एलन ने कहा, 'चुनावों के समय हर राजनीतिक पार्टी के पास एक जैसे ही मुद्दे होते हैं। ऐसे में उन्हें लगता है कि वह अपने विरोधियों से अलग नहीं हो पाएंगे। ऐसे में वह व्यक्तिगत हमलों का रास्ता चुनते हैं। जनता का ध्यान असल मुद्दों से हटाने के लिए व्यक्तिगत हमलों का सहारा लेने लगते हैं।'
एलन की मानें तो यह हमले कभी-कभी कारगर साबित हो जाते हैं और राजनीतिक पार्टियों का मकसद पूरा हो जाता है। एलन की बात को अगर वर्ष 2004 के चुनावों के मद्देनजर देखें तो सही नजर आता है।
उस समय जब बीजेपी की ओर से यूपीए की चेयरपर्सन और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के विदेशी मूल का मुद्दा उठाया गया तो नतीजों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। विशेषज्ञ आज भी मानते हैं कि कहीं न कहीं सोनिया गांधी के विदेशी मूल पर जिस तरह से हमला किया गया, उससे कांग्रेस को बड़ा फायदा पहुंचा था।
नेताओं में ज्ञान की कमी
देश के वरिष्ठ पत्रकार और देश की राजनीति के अलावा विदेश की राजनीति को करीब से देखने वाले शेष नारायण सिंह की मानें तो व्यक्तिगत हमलों की वजह नेताओं के पास ज्ञान की कमी का होना है। वह कहते हैं, 'नेताओं के पास किसी और बिंदु पर बहस करने या फिर बात करने के लिए जरूरी ज्ञान की कमी है। ऐसे में वह व्यक्तिगत हमलों का सहारा लेने लगते हैं। बड़ी बातें और उच्च स्तर की बातें करना उनके बस की बात ही नहीं है।'
शेष नारायण सिंह भी एलन की बात से सरोकार रखते हैं कि असली मुद्दों जैसे भ्रष्टाचार, महंगाई, नागरिकों को मिलने वाले मौलिक अधिकार और उनकी सुरक्षा से ध्यान हटाने के मकसद से नेता व्यक्तिगत हमलों का सहारा लेने लगते हैं।
कभी-कभी जनता को यह बात समझ में आ जाती है तो कभी वह इन्हें समझना नहीं चाहती है। इसके साथ ही वह यह भी मानते हैं कि आजकल वोटर काफी समझदार हो गए हैं और वह भी वोट डालने से पहले कई तरह के निर्णय लेते हैं।

कुछ नया नहीं है
दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे हिमांशु कुमार कहते हैं कि नेताओं के पास कुछ भी न तो नया करने को है और न ही वह कुछ नया सोच सकते हैं। इसलिए ऐसी हरकतें करते हैं।

हद में रहें नेता
कानुपर आईआईटी की छात्रा प्रतिक्षा ठाकुर के मुताबिक सुब्रहमण्यम स्वामी जैसे नेता प्रियंका गांधी जो कि एक महिला हैं, उस पर भी हमले करने से बाज नहीं आते हैं। बेहतर होगा कि वोट बैंक की राजनीति में वह अपनी हद में रहें तो ज्यादा बेहतर होगा।

वोटर कहीं बोर न हो जाए
पेशे से एक टीचर और इटावा से कुछ दूरी पर स्थित मैनपुरी में एक अध्यापिका के तौर पर कार्यरत अंकिता यादव मानती हैं कि हर समय नेता कोई न कोई आरोप लगाते रहते हैं। हर समय ऐसी बातें बोर करने लगती हैं। अंकिता मानती हैं कि अगर इस तरह से ही सबकुछ जारी रहा तो हो सकता है कि वोटर चुनावों से पहले ही बोर हो जाएं।

बहन पर किया हमला
वरुण गांधी ने मंगलवार को अपनी बहन प्रियंका को अपने ही अंदाज में जवाब दिया और उनके इस जवाब के साथ ही राजनीति को शायद कुछ अतिरिक्त मसाला मिल गया।

पिता की शहादत दिलाई याद
प्रियंका ने वरुण पर हमला करते हुए उन्हें पिता राजीव गांधी की शहादत याद दिलाई। प्रियंका ने कहा कि उनके पिता ने देश में एकता बरकरार रखने के लिए कुर्बानी दी है। उन्होंने वरुण पर विश्वासघात का आरोप भी लगाया।

मोदी पर दिए बयान को बताया सही
राहुल गांधी ने जब नरेंद्र मोदी के शपथ पत्र के बाद हुई एक रैली में उनकी पत्नी का मुद्दा उठाया तो अगले ही नामांकन दायर करते समय उन्होंने अपने बयान को सही बताया। राहुल ने कहा कि उन्होंने मोदी पर कोई व्यक्तिगत हमला नहीं किया था बल्कि देश को एक सच्चाई बताई थी।

खूनी पंजा वाले बयान ने मचाया बवाल
मध्य प्रदेश की अपनी एक रैली में जब नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए 'खूनी पंजा' वाली टिप्पणी की तो इस पर जमकर बवाल हुआ।

बीजेपी करती जहर की खेती
सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी देश में जहर की खेती करने वाली पार्टी है।












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