Exclusive: पुंछ में बाढ़ पीड़ितों को मुआवजे देने के बदले अधिकारी मांग रहे घूस
पुंछ। [ऋचा बाजपेई] जम्मू-कश्मीर की बाढ़ ने जो तबाही यहां मचाई है, उसके जख्म शायद ही कभी भर पाएंगे। जहां एक तरफ बाढ़ ने यहां के लोगों का घर और सब कुछ बाढ़ ने छीन लिया है तो दूसरी ओर प्रशासनिक अधिकारी इनके जख्मों पर नमक छिड़कने में लगे हैं।

गुरुवार रात वनइंडिया को जम्मू के पुंछ में रहने वाले कुछ नागरिकों ने फोन कर जानकारी दी है कि जो मुआवजे की रकम उनके लिए तय की गई है, उसे देने के एवज में उनसे घूस की मांग की जा रही है।
रकम में चाहिए आधा हिस्सा
राज्य में आई बाढ़ के बाद इससे प्रभावित लोगों के लिए स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड यानी एसडीआरएफ के नियमों के तहत मुआवजे की रकम तय की गई है।
पुंछ के एक निवासी ने अपना नाम जाहिर न करने की शर्त पर हमें जानकारी दी है कि जब वह अपने नुकसान के एवज में मुआवजा लेने पहुंचे तो उनसे कहा गया कि जितनी रकम उनके हिस्से में आएगी, उन्हें उसका 50 प्रतिशत या आधा हिस्सा चाहिए।
इस निवासी के मुताबिक अधिकारी उनसे फाइल बनवाने को बोल रहे हैं लेकिन साथ ही उनके सामने शर्त रख रहे हैं कि उन्हें जो भी पैसा मिले, उसमें से उन्हें आधा हिस्सा दिया जाए।
इस निवासी की दी हुई जानकारी पर अगर यकीन करें तो वह अकेला नहीं है बल्कि उसके जैसे कई लोग हैं जिनसे इस तरह की मांग के जरिए अप्रत्यक्ष तौर पर घूस की मांग की जा रही है।
वहीं जब हमने अधिकारी से संपर्क कर इस पर प्रतिक्रिया लेने की कोशिश करते रहे लेकिन कोई संपर्क नहीं हो सका।
मुआवजे की प्रक्रिया
राज्य में किसी भी बाढ़ पीड़ित को मुआवजा हासिल करने के लिए उन्हें हुए नुकसान की फोटोग्राफ पूरी जानकारियों के साथ देनी होगी।
जो जानकारी वनइंडिया को हासिल हुई है उसके मुताबिक मुआवजे की रकम के लिए उन्हें डिप्टी कमिश्नर या फिर डिवीजनल कमिश्नर से मिलने की जरूरत नहीं है बल्कि एसडीएम या तहसीलदार से ही वह अपने मुआवजे के लिए संपर्क साध सकते हैं।
लेकिन इस कदर धांधली पुंछ और आसपास के इलाकों में चल रही है कि उसकी वजह से यहां के नागरिकों को काफी दिक्कतें आ रही हैं।
आपको बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से जहां जम्मू कश्मीर के लिए 1,000 करोड़ रुपए का पैकेज देने का ऐलान किया जा चुका है तो वहीं अलग-अलग राज्यों की ओर से भी राहत पैकेज दिए जाने की घोषणा की गई है।
कितना मुआवजा
एसडीआरएफ के नियमों के तहत जो मुआवजा जम्मू-कश्मीर में बाढ़ पीड़ितों के लिए तय किया है वह इस तरह से हैं-
मृत्यु-1,50,000
घायल
गंभीर चोट-9,300 रुपए
हल्की चोट-3,100 रुपए
घर का नुकसान
पूरी तरह से तबाह
पक्का घर-70,000 रुपए
कच्चा घर-17,600
ज्यादा नुकसान
पक्का घर - 12,600 रुपए
कच्चा घर-3,800 रुपए
आशिंक नुकसान
पक्का घर-3,800 रुपए
कच्चा घर-2,300
झोपड़ियों को नुकसान-
3,000 रुपए
जानवरों को रखने की जगह का नुकसान
1,500 रुपए
दूध देने वाले बड़े जानवरों जैसे गाय का नुकसान
16,400 रुपए
दूध देने वाले छोटे जानवरों जैसे बकरी का नुकसान
1,650 रुपए
साधारण बड़े जानवरों का नुकसान
15,000
साधारण छोटे जानवरों का नुकसान
10,000 रुपए
कपड़े
1,300 रुपए
बर्तन
1,400 रुपए
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