Assam IYC chief रहीं अंगकिता को मानहानि का नोटिस, श्रीनिवास बीवी पर उत्पीड़न के आरोप लगाने वाली नेता को जानिए
असम के राजनीतिक परिवार की युवती डॉ अंगकिता ने यूथ कांग्रेस चीफ बीवी श्रीनिवास पर उत्पीड़न का आरोप लगा रही हैं। इनका आरोप है कि आलाकमान तक कंप्लेन के बावजूद गत 6 महीनों में एक्शन नहीं लिया गया। जानिए मामला

पूर्व Assam IYC Chief Angkita Dutta राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं। इन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इनका आरोप है कि कंप्लेन के 6 महीने बाद भी कोई जांच समिति का गठन नहीं हुआ है।
महिलाओं का सम्मान न करने का आरोप
अंगकिता बताती हैं कि उनकी फैमिली कांग्रेस से लंबे समय से जुड़ी है। वे कांग्रेस के लिए काम करना चाहती हैं, लेकिन यूथ कांग्रेस के प्रमुख श्रीनिवास बीवी और प्रभारी महासचिव वर्धन यादव जैसे नेता महिलाओं का सम्मान करना नहीं जानते।
ऐसे नेताओं के कारण कांग्रेस का नुकसान
उन्होंने बताया कि उनके पिता असम प्रदेश कांग्रेस समिति (APCC) के प्रमुख रह चुके हैं। उन्होंने पार्टी को मजबूत बनाने में योगदान दिया। पिता की राजनीतिक विरासत संभाल रहीं अंगकिता कहती हैं कि श्रीनिवास और वर्धन जैसे नेताओं के कारण कांग्रेस को नुकसान हो रहा है।

यूथ कांग्रेस ने मानहानि का नोटिस थमाया
खास बात ये है कि उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाने वाली अंगकिता को यूथ कांग्रेस की तरफ से मानहानि का लीगल नोटिस भेजा गया है। भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने कथित तौर पर "असंसदीय और अपमानजनक" शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
Criminal Defamation का मामला
असम युवा कांग्रेस की पूर्व प्रमुख अंगकिता दत्ता को आपराधिक मानहानि का नोटिस भेजा गया है। IYC के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी वरुण पांडे ने श्रीनिवास के खिलाफ "पूरी तरह से असंसदीय, अशोभनीय, अपमानजनक, दुर्भावनापूर्ण शब्दों" का उपयोग करने का आरोप लगाया।
कैसे सुर्खियों में आया मामला
डॉ अंगकिता का मामला उस समय सुर्खियों में आया जब इन्होंने खुद 18 अप्रैल को ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि महिला होने के कारण उनके साथ भेदभाव किया गया। राहुल और प्रियंका गांधी समेत केसी वेणुगोपाल को टैग कर अंगकिता ने कहा, कांग्रेस नेतृत्व बहरा बना हुआ है।
जून 2018 में उपाध्यक्ष बनीं
IYC लीगल सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रूपेश सिंह भदौरिया के अनुसार अंगकिता दत्ता को जून 2018 में असम प्रदेश युवा कांग्रेस (PYC) का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इस समय कमरुल इस्लाम चौधरी PYC अध्यक्ष थे।
महिला आरक्षण का लाभ मिला, अध्यक्ष बनीं
बाद में कांग्रेस संगठन में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रस्ताव के अनुसार, नवंबर 2021 में अंगकिता को असम PYC अध्यक्ष नामित किया गया। यूथ कांग्रेस का कहना है कि अंगकिता का कार्यकाल समाप्त हो गया था।
यूथ कांग्रेस ने ड्यूटी के प्रति समर्पण पर सवाल किया
IYC का आरोप है कि असम युवा कांग्रेस में चुनाव की घोषणा के बाद अंगकिता अपने कर्तव्यों को सक्षम रूप से नहीं निभा रही थीं। साथ ही उन्होंने असम पीवाईसी के राष्ट्रीय सचिव वर्धन यादव के खिलाफ भी बेबुनियाद आरोप लगाने शुरू कर दिए।
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लीगल सेल ने कहा- अंगकिता ने जांच में सहयोग नहीं किया
यूथ कांग्रेस का कहना है कि आरोपों की जांच के लिए IYC नेतृत्व ने जांच समिति गठित की, लेकिन अंगकिता ने भाग नहीं लिया। लीगल सेल के अनुसार, जांच में लगातार सहयोग न करना स्पष्ट रूप से अंगकिता के आरोपों की असत्यता दिखाते हैं।
शारदा चिट फंड मामला, ED की जांच
लीगल सेल चीफ रूपेश सिंह भदौरिया ने कहा, शारदा चिट फंड स्कैम में डॉ दत्ता का नाम उछला है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) प्रीवेंशन और मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) मामलों में भी इनके खिलाफ जांच कर रही है।
यूथ कांग्रेस को बदनाम करने की कोशिश
उन्होंने कहा, IYC को मिली जानकारी के अनुसार डॉ दत्ता असम के मुख्यमंत्री के साथ लगातार संपर्क में हैं, ये विश्वसनीय रूप से पता चला है। अंगकिता के आरोप कांग्रेस पार्टी छोड़ने का माहौल बनाने और यूथ कांग्रेस को बदनाम करने की कवायद है।
भाजपा में शामिल होने के प्रयास!
यूथ कांग्रेस का आरोप है कि डॉ अंगकिता सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का साथ इसलिए दे रही हैं क्योंकि वे चिट फंड स्कैम और ईडी की जांच से बंद कराना चाहती हैं। राहत पाने के लिए केंद्र में सत्तारूढ़ दल भाजपा में शामिल होना चाहती हैं।
ये भी रोचक है कि अंगकिता के ट्वीट के बाद कई ऐसे सोशल मीडिया पोस्ट सामने आए हैं, जिनके आधार पर उनके बीजेपी में जाने की बातें कही जा रही हैं। हालांकि, इन अटकलों को अंगकिता ने खारिज किया और कहा कि चार पीढ़ियों से वे कांग्रेसी हैं।
अंगकिता ने सिलसिलेवार कई ट्वीट कर अपनी बातों को विस्तार से सबके सामने रखा है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई के बाद गुवाहाटी विश्वविद्यालय से पीएचडी करने वाली डॉ अंगकिता का एजुकेशनल बैकग्राउंड काफी मजबूत दिखता है।
नीचे देखिए इस प्रकरण में अंकिता के तमाम ट्वीट--
राजनीतिक परिवार से आने वाली अंगकिता के आरोपों पर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने प्रियंका गांधी को भी कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने सवाल किया है कि 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' कैंपेन चलाने वाली प्रियंका इस प्रकरण में खामोश क्यों हैं।
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