और बढ़ा प्रदूषण तो दिल्ली में फिर लागू होगा ऑड-ईवन फॉर्मूला, निजी वाहनों पर भी लग सकता है प्रतिबंध
देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर दिनोंदिन खतरनाक होता जा रहा है। इसकी रोकथाम के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण (EPCA) ठोस कदम उठाने की तैयारी में है।
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर दिनोंदिन खतरनाक होता जा रहा है। इसकी रोकथाम के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण (EPCA) ठोस कदम उठाने की तैयारी में है। ईपीसीए ने कहा है कि अगर आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता और खराब होती है तो निजी वाहनों पर पूरी तरह से रोक या फिर से गाड़ियों को लेकर ऑड-ईवन का फॉर्मूला लागू किया जा सकता है। परिवहन विभाग पहले 10-15 साल पुराने डीजल-पेट्रोल वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर चुका है।

हालांकि सीएसई के शोध और एडवोकेसी विंग ती एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनुमिता रॉय चौधरी ने कहा, 'अगर ऑड-ईवन या निजी वाहनों पर प्रतिबंध सही ढंग से लागू किया गया है तो कणों, मुख्य रूप से पीएम2.5 के स्तर में महत्वपूर्ण गिरावट हो सकती है।' पिछले प्रयोगों से पता चला है कि दिल्ली में वाहनों की संख्या को कम करने से पीएम2.5 के स्तर में काफी कमी आ सकती है।
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दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के डाटा का हवाला देते हुए सीएसई ने कहा 2015 में अक्टूबर में पीएम2.5 का स्तर 45 फीसदी और 22 नवंबर को पीएम2.5 का स्तर 21 फीसदी तक गिरा था। 2015 में 22 अक्टूबर और 22 नवंबर को दिल्ली में कार-फ्री डे मनाया गया था।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण के स्तर का मुकाबला करने के लिए दिल्ली में वाहनों की संख्या को नियंत्रित करना महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि पृथ्वी-विज्ञान मंत्रालय के एक अध्ययन ने हाल ही में खुलासा किया है कि पिछले आठ वर्षों में वाहन प्रदूषण में 40% की वृद्धि हुई है।
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