KBC में पहुंचे इमरान हाशमी हुए भावुक, बताया- कैंसर पीड़ित बेटे के लिए बनते थे बैटमैन

मुंबई। एक्टर इमरान हाशमी हाल ही में केबीसी के सेट पर करमवीर स्पेशल एपिसोड में पहुंचे। इस स्पेशल एपिसोड में इमरान ने पांच साल पहले कैंसर के शिकार हुए अपने बेटे अयान के बारे में भावुक कर देने वाला किस्सा सुनाया। इमरान ने बताया कि, एक माता-पिता के तौर पर जब हमने अपने बच्चे को कैंसर की बात सुनी तो ऐसा लगा कि जैसे सब हाथ से छूट गया। इमरान ने बताया कि अयान को खाना खिलाने के लिए वे बैटमेन बन जाते थे।

कर्मवीर स्पेशल एपिसोड आए थे इमरान

कर्मवीर स्पेशल एपिसोड आए थे इमरान

केबीसी के कर्मवीर स्पेशल एपिसोड में इस बार पुरणोता दत्ता बहल आई थीँ। वे देश में कैंसर पीड़ित बच्चों की मदद के लिए काम करती है। उनकी मदद के लिए केबीसी में एक्टर इमरान हाशमी आए थे। इसी दौरान उन्होंने 5 साल पहले अपने बेटे को हुए कैंसर को लेकर भावुक कर देने वाला किस्सा सुनाया। इमरान हाशमी ने कहा कि, किसी परिवार का कोई भी सदस्य यदि कैंसर से पीड़ित हो जाए तो वह परिवार भावनात्मक रूप से बिखर जाता है। जब हमें पता चला कि अयान को कैंसर है तो हमारा पूरा परिवार सदमे में आ गया। एक मां-बाप के रूप में यह हमारे लिए बहुत कठिन घड़ी थी। हमारे मन में गहरा डर समा गया था। मानसिक तौर पर यह पूरी प्रक्रिया विचलित कर देने वाली थी।

अयान की कीमोथेरेपी सात महीनों तक चली

अयान की कीमोथेरेपी सात महीनों तक चली

इमरान हाशमी ने कहा कि, इस बीमारी के बारे में रिसर्च के दौरान मुझे पता चला कि इलाज में पोषण आहार बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि इलाज के दौरान शरीर को एक मजबूत रोग प्रतिरोधक तंत्र की आवश्यकता होती है। अयान की कीमोथेरेपी सात महीनों तक चली। किसी बच्चे के लिए कीमोथेरेपी कराना आसान नहीं होता। स्वाभाविक है कि वो हॉस्पिटल में गुस्सा करेगा, चीजें यहां-वहां फेंकेगा और यहां तक कि खाना खाने से भी इंकार कर देगा, जो कि उस समय उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए बहुत जरूरी होता है।

बेटे के लिए बनते थे बैटमैन

बेटे के लिए बनते थे बैटमैन

इमरान ने उस समय को याद करते हुए बताया कि, जब अयान को प्यार से खाना खिलाने की हमारी सारी कोशिशें नाकाम हो गईं तो मैंने और मेरी पत्नी ने एक तरकीब अपनाई। वाइफ ने अपने फोन में मेरा नंबर ‘बैटमैन' के नाम से सेव किया और मेरा डिस्प्ले पिक्चर भी सुपर हीरो का लगा दिया। इसके बाद मैं हॉस्पिटल रूम के बाहर चला जाता था और उन्हें कॉल करता था। इस तरह अयान को लगता था कि बैटमैन उनसे खाना खाने के लिए कह रहा है और वो बैटमैन का इतना बड़ा फैन है कि उसे मना नहीं कर पाता था। इस तरह हम उसे खाने के लिए राजी कर लिया करते थे। अयान के इलाज के दौरान यह आशंका भी थी कि कैंसर वापस आ सकता है। मेडिकल ट्रीटमेंट के बाद भी हमें फॉलो-अप केयर पर ध्यान देना होता है, जिसमें संबंधित व्यक्ति के उचित पोषण और स्वास्थ्य का ध्यान रखना होता है।

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