देश के अगले मुख्य चुनाव आयुक्त होंगे ज्ञानेश कुमार, PM मोदी की मीटिंग में लगी मुहर, जानिए उनके बारे में सब कुछ
New Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar: पिछले साल मार्च में चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त किए गए ज्ञानेश कुमार को भारत का अगला मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया है। वे निवर्तमान राजीव कुमार की जगह लेंगे। ज्ञानेश कुमार इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव और अगले साल बंगाल, असम और तमिलनाडु में होने वाले चुनावों की देखरेख करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई बैठक में अगले मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर ज्ञानेश कुमार के नाम पर अंतिम फैसला किया गया है। ऐसे में देश के अगले मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के तौर पर नियुक्ति के लिए कानून मंत्रालय ने अधिसूचना भी जारी कर दी है।

ज्ञानेश कुमार होंगे मुख्य चुनाव आयुक्त
दरअसल, मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिए एक सेलेक्शन कमेटी द्वारा नाम तय किया जाता है। जिसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में सोमवार शाम को एक बैठक की गई। इस बैठक में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और गृह मंत्री अमित शाह भी पहुंचे थे।
राजीव कुमार की लेंगे जगह
मालूम हो कि 1988 बैच के केरल कैडर के आईएएस अधिकारी कुमार पिछले साल मार्च से चुनाव आयुक्त के रूप में काम कर रहे हैं। ऐसे में अब सीईसी राजीव कुमार के रिटायरमेंट के बाद वह इस पदभार को संभालेंगे, जो 18 फरवरी को रिटायर हो रहे हैं।
केरल कैडर के 1988 बैच के आईएएस अधिकारी कुमार तीन सदस्यीय पैनल के दो आयुक्तों में से वरिष्ठ हैं। इस पैनल का नेतृत्व राजीव कुमार ने किया था। पैनल के दूसरे आयुक्त उत्तराखंड कैडर के अधिकारी सुखबीर सिंह संधू हैं।
कौन हैं देश के अगले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार?
61 वर्षीय कुमार पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय का हिस्सा थे। उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में अगस्त 2019 में जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 को खत्म करने वाले विधेयक का मसौदा तैयार करने में मदद करना और पूर्व राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करना शामिल था। तब वे गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव (कश्मीर संभाग) थे।
ज्ञानेश कुमार गृह मंत्री अमित शाह के करीबी
एक साल बाद गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में ज्ञानेश कुमार ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के बारे में सुप्रीम कोर्ट के मामले से संबंधित दस्तावेजों को भी संभाला। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ज्ञानेश कुमार गृह मंत्री अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। वे पिछले साल जनवरी में सहकारिता मंत्रालय के सचिव के रूप में सिविल सेवा से सेवानिवृत्त हुए, जिसका नेतृत्व भी अमित शाह करते हैं।
कानपुर से की सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई
इससे पहले उन्होंने संसदीय कार्य मंत्रालय में सचिव के रूप में भी काम किया। और कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में उन्हें रक्षा मंत्रालय में तैनात किया गया था। ज्ञानेश कुमार ने कानपुर में भारतीय इंजीनियरिंग संस्थान से सिविल इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री प्राप्त की है और उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट्स ऑफ इंडिया से बिजनेस फाइनेंस की भी पढ़ाई की है। इसके अलावा उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पर्यावरण अर्थशास्त्र की भी पढ़ाई की है।












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