चुनाव आयुक्त अशोक लवासा का इस्तीफा, एडीबी बैंक में संभालेंगे बड़ी जिम्मेदारी
नई दिल्ली। चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने 23 जनवरी, 2018 को भारत के चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था और उन्हें अक्तूबर 2022 में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में सेवामुक्त होना था। 1980 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी लवासा मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के भी दावेदार थे, हालांकि चुनाव आयोग में अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
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दिवाकर गुप्ता की जगह लेंगे लवासा
अशोक लवासा अगले महीने फिलीपींस स्थित एशियाई विकास बैंक (एडीबी) में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं। एशियन डेवलपमेंट बैंक ने बयान में बताया था, एडीबी ने अशोक लवासा को प्राइवेट सेक्टर ऑपरेशंस और पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के लिए बैंक में उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया है। वह दिवाकर गुप्ता की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल 31 अगस्त तक का है।

इन पदों पर भी रह चुके हैं लवासा
अशोक लवासा भारत सरकार के अलग-अलग विभागों में कई अहम पदों पर रह चुके हैं। चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्ति से पहले, लवासा केंद्रीय वित्त सचिव के रूप में सेवाएं दो चुके हैं। इससे पहले लवासा पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के केंद्रीय सचिव भी रहे हैं।

मोदी शाह को क्लीन चिट का किया था विरोध
पिछले लोकसभा चुनावों के दौरान चुनाव आयुक्त लवासा तब सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में भाजपा नेताओं नरेंद्र मोदी और अमित शाह को क्लीन चिट दिए जाने का विरोध किया था। मुख्य चुनाव आयुक्त समेत तीन आयुक्तों के पैनल में क्लीन चिट का विरोध करने वाले इकलौते आयुक्त थे। इसके बाद उनके परिवार के कई सदस्यों को आयकर विभाग की ओर से नोटिस भेजे गए और कई तरह की जांच शुरू हो गई। इसके कुछ दिन बाद ही उन्होंने एशियाई विकास बैंक के ऑफर को स्वीकार कर लिया था।












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