चुनाव आयोग ने प्रतिबंधों में दी ढील, रैली के लिए 50% की लिमिट भी हुई खत्म
नई दिल्ली, 22 फरवरी: भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने मंगलवार को मौजूदा कोविड की स्थिति में सुधार और चुनाव प्रचार के लिए कम समय को ध्यान में रखते हुए संशोधित दिशानिर्देश जारी किए। संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार- रोड शो, पदयात्रा, साइकिल, बाइक, वाहन रैलियां या जुलूस पर लागू 50 फीसदी उपस्थिति की लिमिट खत्म कर दी है। चुनाव आयोग के अनुसार जिला अधिकारियों की पूर्व अनुमति से रोड शो की इजाजत दे दी है।

निर्वाचन आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि, राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों की बैठकों, रैलियों, रोड शो के लिए 50% क्षमता की पाबंदी को अब हटा दिया गया है। ज़िला अधिकारियों की पूर्व अनुमति और एसडीएमए नियमों के अधीन रोड शो की अनुमति दी जाएगी। चुनाव प्रचार से संबंधित अन्य मौजूदा प्रावधान जारी रहेंगे। आयोग ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को बैठक और रैलियां आयोजित करने की भी अनुमति दी है। पहले किसी स्थान की 50 फीसदी क्षमता के साथ आयोजनों की छूट दी गयी थी।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी नए निर्देशों के मुताबिक, ज़िला अधिकारियों की पूर्व अनुमति और एसडीएमए नियमों के अधीन रोड शो की अनुमति दी जाएगी। चुनाव प्रचार से संबंधित अन्य मौजूदा प्रावधान जारी रहेंगे।
चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा के दौरान सभी राजनीतिक पार्टियों पर प्रतिबंध लगाया था कि वे किसी भी तरह की रैली, रोड शो या नुक्कड़ सभा नहीं कर पायेंगे। हालांकि, देश में जैसे-जैसे कोरोना के मामले घटते गए हैं, चुनाव आयोग ने समय-समय पर इनमें ढील दी है।
उत्तर प्रदेश में कल चौथे चरण के लिए मतदान होंगे। इस चरण में राज्य की 9 जिलों की 59 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। जिन जिलों में वोट डाले जाने हैं, उनमें- लखनऊ, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, फतेहपुर और बांदा शामिल हैं।












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