चुनाव आयोग ने पांच राज्यों के चुनाव पर्यवेक्षकों के साथ की बैठक, CEC ने दिए अहम निर्देश
नई दिल्ली, 14 जनवरी: चुनाव आयोग ने शुक्रवार को उन पांच राज्यों में तैनात किए गए पर्यवेक्षकों के साथ बैठक की है, जहां विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ने आयोग के अफसरों, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षकों को चुनाव ड्यूटी के दौरान उनकी जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी। साथ ही निर्देश दिया कि पांचों राज्यों में निष्पक्ष चुनाव कराना सुनिश्चित करें।

बैठक के बाद इलेक्शन कमीशन की ओर से कहा गया है कि आयोग ने आज गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों के लिए तैनात किए गए पर्यवेक्षकों के साथ एक ब्रीफिंग का आयोजन किया। इस मीटिंग में 1,400 से ज्यादा अधिकारी शामिल हुए।
चुनाव आयोग ने बताया कि आईएएस, आईपीएस, आईआरएस और दूसरी सर्विस से लिए गए अधिकारियों को जनरल, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया जाता है। सीईसी सुशील चंद्रा ने सभी पर्यवेक्षकों को एजेंसियों के साथ तालमेल बैठाकर काम करते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित चुनाव सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।
10 फरवरी से 7 मार्च के बीच होगी वोटिंग
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान हो चुका है। 10 फरवरी से 7 मार्च के बीच इन राज्यों में मतदान होना है। गोवा, पंजाब और उत्तराखंड में एक ही चरण में चुनाव होने हैं। मणिपुर में दो चरण में वोटिंग होगी। वहीं उत्तर प्रदेश में सात चरण में विधानसभा चुनावों के लिए वोटिंग संपन्न होगी। 10 मार्च को एक साथ पांचों राज्यों में वोटों गिनती होगी और नतीजों का ऐलान किया जाएगा। बता दें कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में भाजपा की सरकार है। वहीं पंजाब में कांग्रेस की सरकार है।
कोरोना वायरस संक्रमण के बीच ये चुनाव हो रहा है। ऐसे में आयोग ने कई एतियाती कदम मतदान के लिए उठाए हैं। चुनावी रोड शो, जुलूस, जलसा, पद यात्राओं पर भी निर्वाचन आयोग ने 15 जनवरी तक के लिए पाबंदी लगा रखी है।












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