चीन के खिलाफ बनते माहौल का दिखने लगा है असर, जानिए अब तक भारत में कितना हुआ है निवेश?
बेंगलुरू। कोरोनावायरस महामारी फैलाने के लिए जिम्मेदार माने जा रहे चीन के खिलाफ पूरी दुनिया एकजुट है, लेकिन चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है, जिसको पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में चीनी-भारतीय सैनिकों के बीच हिंसात्मक झड़प के ताजा घटनाक्रम से समझा जा सकता है। चीन की विस्तारवादी नीति दक्षिण चीन सागर में भी जारी है, जिससे अधिकांश दक्षिण एशियाई राष्ट्र पीड़ित हैं।

हालांकि कोरोनावायरस महामारी के बीच यह पहला अवसर होगा जब चीन की अकड़ ठिकाने आई है जब उसको आर्थिक, व्यापारिक और सामरिक स्तर मुंह की खानी पड़ी है। पूर्वी लद्दाख में गतिरोध स्थल पर चीनी सैनिकों के साथ झड़प में भारतीय सैनिकों की तुलना में अधिक संख्या चीनी सैनिकों की हताहतों की आंकड़ा भले ही सामने नहीं आया हो, लेकिन गतिरोध स्थल से चीनी सैनिकों एक से डेढ़ किलोमीटर हटना दर्शाता है कि चीन की हेकड़ी का क्या हाल हुआ है।

यह पहला अवसर है जब चीन को एशिया क्षेत्र में कड़ी टक्कर मिली है
यह पहला अवसर है जब चीन को एशिया क्षेत्र में कड़ी टक्कर मिली है, जिसमें कोरोना माहमारी के पीछे चीन की संदिग्ध भूमिका निभा रही है। क्योंकि अमेरिका समेत पूरी दुनिया चीन को सीधे-सीधे कोरोनावायरस महामारी फैलाने के लिए जिम्मेदार मानती है, इसके पीछे वजह भी बेवजह नहीं है, क्योंकि चीन ने नोवल कोरोनावायरस के जन्म से संबंधित सूचनाएं कथित रूप से मुहैया नहीं कराई।

3 महीनों में भारत में 20 अरब डॉलर के विदेशी निवेश की घोषणा हुई है
चीन के खिलाफ पूरी दुनिया में बढ़े हुए गुस्से से एक तरफ जहां चीन को नुकसान पहुंचा रहा है, तो दूसरी तरफ एशिया और दुनिया की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में शुमार भारत का इसका फायदा मिलता नजर आने लगा है। इसका प्रमाण है कि पिछले तीन महीनों में भारत में 20 अरब डॉलर (1.50 लाख करोड़ रुपए) के विदेशी निवेश की घोषणा की गई है और कई विदेशी कंपनियां अपना कारोबार चीन से समेट कर भारत की ओर रूख कर रही हैं।

विदेशी निवेश में अमेरिकी कंपनियों की हिस्सेदारी सबसे अधिक है
कोरोना काल के दौरान भारतीय नीति और वैश्विक मदद को लेकर भारत की ईमानदार और नेक मंशा को देखते हुए अमेरिका से भारत की व्यापारिक नजदीकियां बढ़ती दिख रही है। यही वजह है कि विदेशी निवेश में अमेरिकी कंपनियों की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। गूगल, फेसबुक और वालमार्ट जैसी दिग्गज अमेरिकी कंपनियां भारत को निवेश के लिए दुनिया की सबसे बेहतर डेस्टीनेशन के रूप में देख रही हैं।

PM मोदी की आत्मनिर्भर भारत के तहत नियमों में हुए कई नीतिगत बदलाव
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक अभी तो निवेश की शुरुआत भर है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत नियमों में कई नीतिगत बदलाव किए जा रहे हैं जिससे आने वाले समय में भारत में बिजनेस शुरू करना काफी आसान होने जा रहा है, क्योंकि 500 से अधिक विदेशी कंपनियां भारत में निवेश के लिए दिलचस्पी दिखाते हुए मंत्रायल के संपर्क में हैं।

अप्रैल, 2019 में विदेशी मिशन के जरिए 1,000 अमेरिकी कंपनियों से संपर्क
अप्रैल, 2019 में ही अमेरिका में विदेशी मिशन के जरिए 1,000 से अधिक कंपनियों से संपर्क किया था और चीन से बाहर निकलने की सोच रही कंपनियों को इसेंटिव की पेशकश की गई थी। तब भारत की प्राथमिकता मेडिकल इक्विपमेंट सप्लाई करने वाली कंपनियों, फूड प्रॉसेसिंग कंपनियों, टेक्सटाइल्स, लेदर व ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कंपनियां थी। भारत लगभग 550 उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को भारत में शिफ्ट करने के लिए बातचीत कर रहा है।

अमेरिका ने 200 अरब डॉलर के चीनी सामानों पर टैरिफ बढ़ाकर 25 % किया
हाल में अमेरिका ने तकरीबन 200 अरब डॉलर के चीनी आइटमों पर टैरिफ बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन ने भी 60 अरब डॉलर के अमेरिकी आइटमों पर ड्यूटी बढ़ा दी। इससे स्पष्ट है कि चीन और अमेरिका के बीच जारी ट्रेड वार का लाभ भारत को हो रहा है, क्योंकि दोनों देशों के संबंधों में टकराव के बाद अमेरिकी ही नहीं, दक्षिण एशियाई कंपनियां विनिर्माण फैक्टरियों के लिए भारत की ओर रूख कर रही हैं।

गूगल भारत में 10 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा कर चुकी है
गूगल ने गत 13 जुलाई को 10 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है। गूगल प्रमुख सुंदर पिचाई ने खुद इस निवेश की घोषणा की। गूगल ने भारत सरकार के डिजिटाइजेशन प्रोग्राम को देखते हुए निवेश की घोषणा की है।

वॉलमार्ट भारतीय फ्लिपकार्ट में 1.2 अरब डॉलर के निवेश करेगा
दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट ने भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट में 1.2 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की। हालांकि फ्लिपकार्ट में पहले ही वालमार्ट ने 16 अरब डॉलर का निवेश करके इसकी अधिकतर हिस्सेदारी खरीद चुकी है। फिर भी कोरोना के दौरान ताजा निवेश अहम माना जा रहा है।

ताइवानी कंपनी फॉक्सकॉन भारत में एक अरब डॉलर का निवेश करेगी
ताइवान की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी फॉक्सकॉन ने भारत में एप्पल के आईफोन की असेंबलिंग करती है। उसने घोषणा की है कि वह भारत में एक अरब डॉलर का निवेश करेगी। कपंनी भारत में अपनी फैक्टरी को और बड़ा करने की तैयारी में है, जो चेन्नई के पास श्री पेरुंबुदूर में स्थित है।

फेसबुक ने भारत के रिलायंस जियो में 5.7 अरब डॉलर का निवेश किया
दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने भारत के रिलायंस जियो में 5.7 अरब डॉलर का निवेश किया है। यह फेसबुक द्वारा दूसरी कंपनी में किया गया सबसे बड़ा एकल निवेश है।

क्वालकॉम वेंचर्स ने भारत में 9.7 करोड़ डॉलर के निवेश का ऐलान किया
क्वालकॉम वेंचर्स ने भी रिलायंस जियो में 9.7 करोड़ डॉलर के निवेश का ऐलान किया है। अमेरिकी कंपनी क्वालकॉम वेंचर्स से तीन महीने में रिलायंस जियो को मिलने वाला यह 13वां निवेश है। इससे जियो प्लेटफॉर्म्स को 5G प्लान पर आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

थॉमसन भारत में 14.28 करोड़ डॉलर का निवेश कर रही है
फ्रांस की कंपनी थॉमसन भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स खासकर टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन जैसे होम अप्लायंज बनाने के लिए 14.28 करोड़ डॉलर का निवेश कर रही है।

वी वर्क ग्लोबल भारत में कुल 10 करोड़ डॉलर का निवेश करेगी
वी वर्क ग्लोबल भारत में अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए 10 करोड़ डॉलर का निवेश करेगी। हिताची 1.59 करोड़ डॉलर का निवेश करने जा रही है।

LAVA ने चीन से समेटा कारोबार, भारत में 800 करोड़ निवेश की योजना
मोबाइल उपकरण बनाने वाली घरेलू कंपनी लावा इंटरनेशनल ने शुक्रवार को कहा कि वह चीन से अपना कारोबार समेट कर भारत ला रही है। भारत में नीतिगत बदलावों के बाद कंपनी ने यह कदम उठाया है। कंपनी ने अपने मोबाइल फोन डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने के लिये अगले पांच साल के दौरान 800 करोड़ रुपये निवेश की योजना बनाई है.

चीन से अपना प्रोडक्शन कारोबार शिफ्ट कर रहा एप्पल
एप्पल कपंनी अपना प्रोडक्शन चीन से शिफ्ट करने की सोच रहा है, क्योंकि कोरोना वायरस की वजह से पहले ही बीजिंग और वॉशिंगटन के बीच ट्रेड वॉर छिड़ा हुआ है। एप्पल की तरफ से इसके क्लाइंट्स से रिक्वेस्ट की गई है कि वह अपना प्रोडक्शन चीन से बाहर कहीं शिफ्ट करें और उसका असर देखने को भी मिल रहा है।

सैमसंग ने भारत में 18 स्मार्टवॉच की पूरी श्रृंखला का विनिर्माण शुरू किया
दक्षिण कोरिया की दिग्गज कंपनी ने अब भारत में अपनी 18 स्मार्टवॉच की पूरी श्रृंखला का विनिर्माण शुरू कर दिया है। कंपनी की नोएडा में सबसे बड़ी स्मार्टफोन विनिर्माण फैसिलिटी है। कंपनी ने एक नई 4जी क्षमता वाली स्मार्टवॉच भी लॉन्च किया है जिसका विनिर्माण भारत में किया जाएगा।

किआ मोटर्स भारत में 5.4 करोड़ डॉलर का निवेश करेगी
दक्षिण कोरियाई ऑटोमोबाइल दिग्गज कंपनी किआ मोटर्स ने आंध्र प्रदेश के अनंतपुर के पास विनिर्माण सुविधा के विस्तार की दिशा में 5.4 करोड़ डॉलर की अतिरिक्त राशि का निवेश करने की घोषणा की है।

SGS कंपनी ने भारत में अपनी पहली मान्यता परीक्षण प्रयोगशाला खोला
एसजीएस गुणवत्ता पैकेजिंग में अमेज़न का विश्वसनीय भागीदार है और दुनिया की अग्रणी निरीक्षण, सत्यापन, परीक्षण और प्रमाणन कंपनियों में से एक है। कंपनी ने भारत में अपनी पहली मान्यता परीक्षण प्रयोगशाला के साथ-साथ दुनिया के अन्य हिस्सों, फ्रांस में बोर्डेक्स के सेस्टास में और अमेरिका के एप्पलटन में प्रयोगशालाएं खोली हैं।
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