5 राज्यों से कांग्रेस का सफाया, असम में खिला कमल, जानें केंद्र की राजनीति पर असर
नयी दिल्ली। पांच राज्यों के चुनावी परिणाम सामने आ गए हैं। केरल, असम, तमिलनाडु, पांडुचेरी और पश्चिम बंगाल के चुनावी परिणाम आने के बाद अगर किसी पार्टी को सबसे ज्यादा निराशा हाथ लगी हैं तो वो है कांग्रेस। कांग्रेस का इन पांचों राज्यों में सपाया हो गया हैं। कभी दूध बेचकर घर चलाने वाली ममता आज दूसरी बार बनेंगी सीएम

वहीं भाजपा खेमें में खुशी की लहर दौड़ी रही हैं। भाजपा ने पहली बार असम में सरकार बनाने जा रही है। जबकि तमिलनाडु में पहली बार उसका खाता खुला है। जहां चुनावी परिणाम भाजपा के लिए अच्छे दिन के संकेत दे रहे हैं तो वहीं कांग्रेस के हाथ निराशा लगी है।
कांग्रेस के लिए क्या है मायने?
- चुनावी परिणाम सामने आने के बाद कांग्रेस के हाथों ने केरल और असम की सत्ता निकल गई हैं।
- ये दो राज्य गंवाने के बाद अब केवल 7 फीसदी राज्यों में कांग्रेस की सरकार रह गई है।
- देश के किसी भी बड़े राज्य में कांग्रेस की सरकार नहीं
- उत्तराखंड, कर्नाटक और नार्थ ईस्ट के छोटे राज्यों को छोड़कर कांग्रेस सत्ता से बाहर है।
- देश की सबसे पुरानी पार्टी विलुप्त होने की कगार पर है।
- जनता ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में कांग्रेस गणबंधन को भी नकार दिया।
- इस हार का असर अगले साल होने वाले यूपी और पंजाब विधानसभा चुनावों पर भी पड़ेगा।
- राहुल गांधी के नेतॉत्व पर सवाल उठने लगे हैं।
क्या है भाजपा के लिए मायने?
- चुनावी नतीजे भाजपा के लिए राहत की खबर लाए हैं।
- बाजपा पहली बार असम में सरकार बनाने जा रही है।
- असम में सरकार बनाने के बाद देश के 36 फीसदी हिस्से में भाजपा की सरकार होगी।
- पश्चिम बंगाल में भी भाजपा की स्थिति सुधारी है।
- तमिलनाडु में पहली बार पार्टी की खाता खुला है।
- तय हो जाएगा की मोदी लहर अभी ख़त्म नहीं हुई है।
- बिहार और दिल्ली चुनाव हारने के बाद ये भाजपा के लिए बड़ी जीत है।
- इस जीत का असर 2019 लोकसभा चुनावों तक देखा जाएगा।












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