BYJU's के दफ्तरों से ED को मिले संदिग्ध दस्तावेज-डेटा, कंपनी ने दी ये सफाई
बेंगलुरु स्थित एडटेक फर्म BYJU's के सीईओ बायजू रविंद्र के परिसरों प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने छापेमारी की है। ईडी ने कहा कि तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डेटा जब्त किए गए हैं।

बेंगलुरु स्थित एड-टेक फर्म BYJU's के सीईओ बायजू रविंद्र के परिसरों पर शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने कथित रूप से विदेशी फंडिंग कानूनों का उल्लंघन करने के लिए छापेमारी की। ईडी ने कहा कि तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डेटा जब्त किए गए हैं। वहीं, बायजू ने दावा किया कि फेमा के तहत "नियमित जांच" से संबंधित तलाशी थी।
दरअसल, विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों के तहत रविंद्र और उनकी कंपनी 'थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड' के खिलाफ एक मामले के संबंध में जांच एजेंसी ने बेंगलुरु में दो व्यावसायिक और एक आवासीय परिसर पर छापेमारी की है। कंपनी कहती है कि BYJU हमारा कारोबार है। हम अधिकारियों के साथ पूरी तरह से पारदर्शी रहे हैं और उनके द्वारा मांगी गई सभी जानकारी उन्हें दी गई है। हम अनुपालन और नैतिकता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
28,000 करोड़ रुपए का इन्वेस्ट?
उधर, जांच एजेंसी ईडी की मानें तो फेमा की खोजों से यह भी पता चला है कि कंपनी को 2011 से 2023 के दौरान 28,000 करोड़ रुपए (लगभग) का विदेशी डायरेक्ट इन्वेस्ट प्राप्त हुआ है। कंपनी ने इसी अवधि के दौरान विदेशी डायरेक्ट इन्वेस्ट के नाम पर विभिन्न विदेशी संस्थाओं को लगभग 9,754 करोड़ रुपए भेजे हैं।
ईडी का कहना है कि कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2020-21 से अपने वित्तीय विवरण तैयार नहीं किया है और न ही खातों का ऑडिट कराया है। कंपनी ने "विज्ञापन और विपणन व्यय" के नाम पर लगभग 944 करोड़ रुपए रखे हैं। जिसमें विदेशी न्यायालयों को भेजी गई राशि भी शामिल है।












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